महानगरपालिका महसुल ना तिरला के बाद खानेपानी धारा के लाइन काटेके तईयारी
महानगरपालिका महसुल ना तिरला के बाद खानेपानी धारा के लाइन काटेके तईयारी

वीरगंज ०२ माघ
नेपाल खोनेपानी संस्थान वीरगंज महानगरपालिका के सार्वजनिक जगहा मे जडान कईल दु सय ७८ धारा के लाइन काटेके तईयारी कईले बा । सार्वजनिक जगहा मे जडान कईल धारा के महसुल बापत के रोपेया महानगरपालिका भुक्तानी करेमे आनाकानी कईला के बाद संस्थान उ सभी धारा के लाइन काटेके तईयारी कईले बा ।
खानेपानी के मुहान सुखके पानी के समस्या भईल समय महानगरपालिका से महसुल भुक्तानी करेवाला किसिम से धारा जडान करे खातिर पत्राचार कईला के बाद संस्थान बितल २०८० सावन मे वार्ड नं १ से वार्ड नं १९ तक के अनेकन सार्वजनिक जगहा मे दु सय ७८ धारा जडान कईले रहे । धारा जडान भईल एने महानगरपालिका खानेपानी महसुल भुक्तानी ना कईला के बाद उ धारा के लाइन काटेके तईयारी कईल नेपाल खानेपानी संस्थान वीरगंज के प्रमुख इन्जिनियर निरन महर्जन जानकारी देहनी । “सार्वजनिक जगहा मे जडान भईल उ सभी धारा जडान लागत तथा मासिक महसुल करिब रु ४४ लाख से बेसी बक्यौता भइल बा”, उ कहनी, “बक्यौता महसुल बुझावे खातिर बितल २०८० कुवार २५ गते हि महानगरपालिका के पत्राचार कईला पर भी अभी भी महसुल बुझवले नईखे ।” महानगरपालिका के तत्कालीन प्रमुख प्रशासकीय अधिकृत लक्ष्मीप्रसाद पौडल खानेपानी महसुल बुझावेके प्रतिबद्धता जनावल आ उनकर दोसर जगहा सरुवा भईला के बाद ओकरा एने महानगरपालिका से महसुल बुझावेके ठोस प्रतिवद्धता आवे ना सकल जनावल गईल बा ।
महानगरपालिका अब भी महसुल ना बुझईला पर बाध्य होके सार्वजनिक जगहा मे जडान भईल धारा के लाइन काटेके तईयारी कईल प्रमुख महर्जन के कहनाम बा । एहितरे नेपाल खानेपानी संस्थान वीरगंज पर्सा लम्हर समय से खानेपानी के महसुल ना बुझावेवाला २३ ग्राहक के धारा के कटले बा । धारा के पानी उपभोग करेके माकिर महसुल ना बुझावेवाला परिपाटी बढत गईला के बाद संस्थान पहिलका चरण मे रु ५० हजार से बेसी बक्यौता राखेवाला पाँच सय ४२ ग्राहक के नाम कालोसूची मे राखके धारा के लाइन काटल सुरु कईले बा ।
महसुल बुझावे खातिर बेर बेर पत्राचार कईला पर भी ग्राहक बक्यौता बुझावे खातिर आलटाल करत अईला के बाद धारा के लाइन काटल सुरु कईल प्रमुख महर्जन जानकारी देहनी । संस्थान ग्राहक से करिब रु १२ करोड २५ लाख ७९ हजार से बेसी बक्यौता रकम उठावेके बाँकी रहल जनवले बा । संस्थान एके ग्राहक से रु दु लाख से बेसी तक बक्यौता उठावेके देखल गईला से कालोसूची मे राखके सूची प्रकाशन करके धारा के लाइन काटके भईला पर भी बक्यौता असुल करेके योजना बनावल उ जानकारी देहनी । खानेपानी उपभोग कईल बापत के महसुल ना बुझावेवाला मे पूर्वमन्त्री, पूर्वन्यायाधीस, उद्योगी–व्यवसायी, समाजसेवी, अनेकन दल के नेता, कर्मचारी प्रशासक के नाम भी रहल संस्थान के प्रमुख महर्जन बतवनी । महसुल ना तिरेवाला के सूची मे रहल आदमी के नाम स्थानीय तह के वार्ड–वार्ड मे टाँस कइल आ बेर बेर स्थानीय पत्रिका मे सार्वजनिक कईला पर भी अभी भी बक्यौता रकम उठावे ना सकल उनकर कहनाम बा । महानगरपालिका भितर खानेपानी संस्थान के आठ हजार ग्राहक रहला मे सात हजार महसुल तिर रहल माकिर पुराना बक्यौता के रकम उठावे ना सकल जनावल गईल बा । उ ताकेता कईला पर भी रोपेया उठावे ना सकेके भईला के बाद धारा काटके रोपेया असुल करेके अवस्था मे संस्थान पुगल बतवनी । वीरगंज महानगरपालिका के प्रमुख प्रशासकीय अधिकृत मातृका भट्टराई खुद अबगे सरुवा होके अईला से ई विषय मे बहुते बात जानकारी ना भईल बतवनी । कुल दु लाख पाँच हजार जनसङ्ख्या रहल वीरगंज महानगरपालिका भितर खानेपानी संस्थान से आठ हजार एक सय ग्राहक नियमित खानेपानी के उपभोग करत आईल बाडन । दैनिक ६०–६५ लाख लिटर खानेपानी उत्पादन करके वीरगंज महानगर क्षेत्र भितर वितरण करत आईल खानेपानी संस्थान से २० हजार घरधुरी के खानेपानी वितरण करेके क्षमता रहल प्रमुख महर्जन के कहनाम बा ।






