विदेशी शक्तिसब मधेश मे धर्म के नाम मे द्वन्द्व सृजना करेके खोज रहल : अमरेश सिंह
विदेशी शक्तिसब मधेश मे धर्म के नाम मे द्वन्द्व सृजना करेके खोज रहल :अमरेश सिंह

वीरगंज १७ बैशाख
प्रतिनिधिसभा सदस्य (सांसद) अमरेश कुमार सिंह ई संविधान समाप्त भईला पर प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचण्ड’ जेल जाएके ठोकुवा कईले बानी ।
सोमार के दिने वीरगंज मे आयोजना कईल पत्रकार सम्मेलन मे सांसद यादव नेकपा माओवादी केन्द्र के अध्यक्ष भी रहल प्रचण्ड उपर द्वन्द्धकाल के ३ सय से बेसी मुद्धा रहल बतावत जदि संविधान समाप्त भईला पर प्रचण्ड जेल जाएके ठोकुवा कईले रहनी ।
विदेशी शक्तिसब के इशारा आ निर्देशन मे अभी नेपाल के संविधान उपर प्रहार हो रहल सांसद सिंह बतवनी ।
संविधान के मुख्य चार गो आधारस्तम्भ धर्मनिरपेक्षा, गणतन्त्र, संघीयता आ समावेशीता उपर प्रहार हो रहल उ बतवनी । धर्मनिरपेक्षता उपर विदेशीलोग के इशारा मे हिन्दुवादी से, गणतन्त्र उपर पूर्वराजा आ राजवादी से तथा संघीयता आ समावेशीता उपर दल आ सरकार से प्रहार हो रहल उ बतवनी ।
उ कहनी, ‘ओकर जीता जागता (ज्वलन्त) उदाहरण मधेश मे अभी देखल जा रहल बा । कुछ समय एने वीरगंज सहित मधेस के अनेकन शहर मे निरन्तर धर्म के नाम मे अराजक जुलुशसब निकालल जा रहल बा । एकरा से हि प्रष्ट होखेला । विदेशी शक्तिसब लागके मधेस मे धर्म के नाम मे द्वन्द्व सृजना करेके खोज रहल सांसद सिंह बतवनी । उ चलते संविधान अभी संकट मे परल उनकर बुझाइ बा ।
उ प्रधानमन्त्री कार्यालय प्रधानमन्त्री प्रचण्ड के आसेपास के पूर्ण कब्जा मे रहल आरोप भी लगवनी । उ कहनी, ‘पईसा उठावे खातिर, गैर कानुनी काम करे खातिर प्रधानमन्त्री कार्यालय मे बेटी, पतोह, भाइ, भतिजासब के नियुक्ति करके राखल बा । ई भी एगो अपराध हि ह ।’
नेपाल के राजनीति मे अभी परिवारिककरण, व्यपारीकरण आ भ्रष्टिकरण हाबी भईल कहत उ राजनीति सेवा भाव के रुप मे ना होके व्यापार के रुप मे फस्टाईल टिप्पणी कईनी । उ नेपाल मे विदेशी दलालीकरण भी बढल बतवनी ।
देश अभी २० जने बिचौलीयालोग मात्र चला रहला के चलते देश के अर्थतन्त्र धराशायी अवस्था मे पुगल उ बतवनी । उ कहनी, ‘अभी साधरण खर्च भी विदेशी कर्जा मागके हो रहल बा ।
जब साधरण खर्च हि विदेशी कर्जा मे चल रहल बा आ एतना हि पुष्टि होखी कि देश के अर्थतन्त्र केतना जर्जर अवस्था मे पुगल बा ।






