सर्वोच्च अदालत मे शुक के दिने मुद्दा के सुनुवाइ ना होखी

काठमाण्डु ६ चईत,
सर्वोच्च अदालत विश्वभर हि फईल रहल कोभिड–१९ के सम्भावित सङ्क्रमण से बँचे खातिर पूर्ण बईठक बईठेके तय करत शुक के दिने मुद्दा के सुनुवाइ स्थगन कईले बा ।
सर्वोच्च अदालत के सूचना अधिकारी देवेन्द्र ढकाल के मुताविक कोरोना के सम्भावित सङ्क्रमण के न्यूनीकरण करेवाला उपाय के बारे मे प्रधानन्यायाधीश सहित सभी न्यायाधीश के पूर्ण बईठक बईठेके तय भईला से शुक के दिने सुनुवाइ स्थगन कईले बा । शुक के दिने सबेरे ११ः०० बजे बईठेके तय भईल पूर्ण बईठक से अदालत बन्द करेके भा बहुते जरुरी बाहेक आउर बन्द करेके कहके विषय मे निर्णय करी ।
इहे चईत ४ नेपाल बार एशोसिएसन से विश्वभर हि कोभिड–१९ फईल रहल अवस्था मे जरुरी काम बाहेक आउर सेवा प्रवाह ना करेके निर्णय करे खातिर सर्वोच्च अदालत समक्ष अपिल कईले रहे । बार से प्रेस विज्ञप्ति मे मानव स्वास्थ्य जईसन संवेदनशील विषय मे गम्भीर होके कम्ती मे एक महिना सेवा प्रवाह मे कटौती करे खातिर अपिल कइले रहे ।
अदालत नियमित परीक्षण करके मात्र सेवा प्रवाह कईल सुरु करेके व्यवस्था मिलावेके भा उ व्यवस्था करे ना सकला मे बन्दी प्रत्यक्षीकरण के जरुरी बाहेक के सेवा प्रवाह ना करेके निर्णय करे खातिर बार निहोरा कईले बा ।
अदालत सँगे बहुते सेवाग्राही के भीडभाड होखेके आ भीडभाड मे कोरोना के सङ्क्रमण के सम्भावना होखेवाला भईला से सङ्क्रमण के सम्भावना के न्यूनीकरण करेके माग कईल रहे ।
सर्वोच्च अदालत बार एशोसिएसन से इहे चईत ४ गते हि आकस्मिक बईठक बईठके कोरोना भाइरस के जोखिम के ध्यान मे राख के कम्ती मे तीन हप्ता के खातिर अदालत बन्द करेके व्यवस्था मिलावे के निहोरा कईले रहे । सर्वोच्च अदालत बार के निहोरा के ध्यान मे राखत शुक के खातिर पूर्ण बईठक तय कईले बा । शु
के खातिर सभी मुद्दा के सुनुवाइ बन्द करेके जनावल गईल बा ।






