नीति तथा कार्जक्रम बहुवर्षीय योजना के कल्पना जईसन भईल : सभापति देउवा

काठमाण्डु ४ जेठ

प्रमुख विपक्षी दल नेपाली काँग्रेस के संसदीय दल के नेता शेरबहादुर देउवा सरकार के आवेवाला बरीस के नीति तथा कार्जक्रम उपर टिप्पणी करत कोभिड–१९ से करे सकेवाला नोक्सानी के बारेमे ज्ञान नाभईल जईसन देखल गईल बतवले बानी ।

नेपाल सरकार के आव २०७७÷०७८ के नीति तथा कार्जक्रम के सम्बन्ध मे आजु प्रतिनिधिसभा बईठक मे सम्बोधन करत उ सरकार के जनता के दुःख बोध ना भईल जईसन देखल गईल आरोप लगवनी ।

उ कहनी कि, “सरकार सँगे ई समस्या क समय मे भविष्य के खातिर जनता आश्वस्त होखेके योजना नइखे ।

एक बरीस के नीति तथा कार्जक्रम उद्देश्य से अलग होके बहुवर्षीय योजना के कोरा कल्पना जईसन देखल गईल बा ।”

नेता देउवा उ अवसर मे कोरोना सङ्क्रमण के जोखिम से लडके देशभर अग्रपङ्त्ति मे काम कररहल स्वास्थ्यकर्मी, सुरक्षाकर्मी, सञ्चारकर्मी आ सफाइकर्मी कोरोना से सङ्क्रमित नागरिक आ ई महामारी के चलते दुःख मे पडल किसान, स्वदेश तथा विदेश मे रोजगारी गुमा रहल श्रमिक, विदेश से घर फिर्ता आवेके चाहल माकिर ना मिलल समस्या मे पडल नागरिक, रहल जगहा मे राहत ना मिलला से सयो किलोमिटर चलके घर जाएमे बाध्य हजारो मजदुर, विद्यार्थी आ बेरोजगार के स्मरण कइनी ।

उ कहनी कि, “ईलाज मिलेमे कठिनाइ मे पडल आउर बेमारी के मरेजी, उद्योग व्यापार बन्द भईल छोटा बडका उद्यमी व्यापारी, सबेरे सँझिया के छाक चलावे ना सकेके अवस्था मे पुगल मजदुर, समस्या मे पडल गरिब, अपाङ्गता भईल आदमी आ एकल जनानी के समझ रहल बानी ।

हम परीक्षण सामान के कमी मे कोरोना परीक्षण के प्रतीक्षा मे रहल नागरिक आ भाइरस के महामारी से खुद आ परिवार के कईसे जोगावेके, प्रकोप बढत गईला पर स्थिति का होखी, एकरा से देश के का करी कहके सन्ताप आ डर मे रहल नेपाली दिदीबहिन, दाजुभाइ के स्मरण कर रहल बानी ।

काल्हु मात्र समय मे ईलाज ना मिलला से कोरोना के चलते मृत्यु भईल सिन्धुपाल्चोक के लरकोर, उनकर काख के बच्चा आ उनकर परिवार समझ रहल बानी ।”

सरकार ई सभी के खुद अभिभावक भईल अनुभूति करावे के समय ह कहत नेता देउवा सरकार से लियावेवाला नीति से अईसन सभी विषय के सम्बोधन करी कहके अपेक्षा रहल माकिर सरकार के नीति तथा कार्जक्रम से दोसर सन्देश देहल टिप्पणी कइनी ।

सरकार महामारी नियन्त्रण करेवाला व्यापक तइयारी करेमे चुकल कहत सभापति देउवा कोरोना देखल एतना लम्हर समय के बाद भी स्वास्थ्यकर्मी के सुरक्षा उपकरण लगायत जरुरी सामान के उपलब्धता के प्रत्याभूति ना भईल, विश्वसनीय परीक्षण किट के कमी भईल, अस्पताल मे भेन्टिलेटर लगायत आउर ईलाज के सामान के कमी भईल, कोरोना प्रभाव से समस्या मे पडल के उचित राहत के व्यवस्था ना भईल, सिमाना बाहर बिचल्ली मे रहल आ देश भितर आ घरबाहर भी असहाय अवस्था मे रहल नागरिक के सुरक्षित आ इज्जतपूर्वक घर मे पुगावे के योजना ना भईला से जनता से सरकार भईल अनुभूति कईले नइखन ।

उ कहनी कि, “हम सवाल करेके चाहत बानी सरकार लकडाउन के ई अवधि मे का तइयारी कईलख ?”
स्वास्थ्य सामान तत्काल पर्याप्त प्रबन्ध करे खातिर, पिसिआर परीक्षण के दायरा व्यापकरुप से समुदायस्तर मे पुगावे के, अनेकन क्षेत्र के खातिर जरुरी राहत के व्यवस्थित प्याकेज लियावे के आ विदेश मे समस्या मे पडल नेपाली के स्वदेश फिर्ता करके मापदण्डयुक्त क्वारेन्टाइन मे व्यवस्थितरुप से राख के परीक्षण के बाद घर पुगावे के बन्दोबस्त मिलावे खातिर उ सरकारसमक्ष माग कईले बानी ।

दु बरीस पहिले के नीति तथा कार्जक्रम मे उल्लेख कईल हि कैयन योजना आ कार्जक्रम अभी भी पुनरावृत्ति कईल बतावत उ एकरा से नीति तथा कार्जक्रम के कार्यान्वयन फितलो भईल टिप्पणी कइनी ।

विकास के गति गजब से अगाडि बढल दाबी करेवाला सरकार के न्यून पूँजीगत खर्च के अवस्था से कहुँचा रहल उनकर कहनाम रहे ।

राजश्व के ई बरीस के लक्ष्य भी ना मिलल परिप्रेक्ष्य मे पुराना योजना भी दोहरावे के आ महामारी से लडे खातिर नयाँ खर्च भी छुट्याईला पर ई सभी के खातिर स्रोत कहाँ से आई कहके नेता देउवा कहनी ।

उलोग के बैंक से उपलब्ध होखेवाला पूँजी सरकार से आन्तरिक कर्जा उठावेके आ जथाभावी वैदेशिक कर्जा लेवेके गलत नीति ओरी जाएके उनकर आरोप बा ।
कोरोना देश के सभी क्षेत्र के बहुते नकारात्मक रुप से प्रभावित कईले बा ।

एकर अल्पकालीन आ दीर्घकालीन प्रभाव रहेके बतावत नेता देउवा सरकार के नीति तथा कार्जक्रम समस्या समाधान ओरी उन्मुख ना भईल, देश भितर उद्योगधन्दा, निर्माण क्षेत्र मे पडेवाला प्रभाव आ विदेश से देश फिर्ता आवेवाला के बहुते संख्या से बेराजगारी के समस्या भयावहरूप से बढेके विषय मे सम्बोधन करे खातिर सरकार से इच्छाशक्ति, क्षमता, इमान्दारी आ दूरदृष्टि के नितान्त कमी रहल टिप्पणी कइनी ।

सरकार अभी भी उद्योग, रेमिट्यान्स आदि क्षेत्र मे कोरोना से भईल प्रारम्भिक क्षति अनुमान करे ना सकल बतावत एकरा से राहत मिलेवाला उद्योग के प्रोत्साहित करेके विषय नीति कार्जक्रम मे ना समेटल, सरकार से निर्यात बढावे के विश्वसनीय आ नयाँ योजना ना भईल बिचार रखनी ।

नेता देउवा कहनी कि, “अभी कोरोना से व्यापकरूप मे प्रभावित भईल पर्यटन क्षेत्र भी ह । पर्यटन प्रवद्र्धन सम्बन्धी कउनो नीति आईल नइखे ।

कुछ एयरपोर्ट के निर्माण आ मर्मत मात्र दिगो आ गुणस्तरीय पर्यटन के स्रोत ना ह । सबसे बेसी राहत जरुरी भईल पर्यटन क्षेत्र मे पुराना सामान्य किसिम के विषय के पुनरावृत्ति बाहेक कउनो नवीन सोच आ योजना नइखे ।”

नेता देउवा नेपाली भूभाग मे भईल अतिक्रमण आ सडक निर्माण के बारे मे पडोसी देश मित्र राष्ट्र चीन सँगे भी उच्चस्तर मे सार्थक आ परिणाममुखी वार्ता करके समस्या के समाधान करेके तथा पहिलका सरकार से कईल अभी तक के सबसे बडका सहजोग सम्बन्धी सम्झौता एमसिसी के ई सदन मे प्रस्तुत करके पारित करेके प्रक्रिया अगाडि बढावे खातिर निहोरा कईले बानी ।

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