नेकपा सचिवालय ः संसद् से पारित ना होखे तक एमसिसी के कार्जक्रम स्थगन

काठमाण्डु १७ जेठ
सत्तारुढ नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) के सचिवालय बईठक मे अमेरिकी सहायता परियोजना ‘मिलेनियम च्यालेन्ज कर्पोरेशन’ (एमसिसी) सम्झौता संसद् से अनुमोदन कईला के बाद ओकरा सँगे सम्बन्धित बजेट आ कार्जक्रम अगाडि बढावे के समझदारी भईल बा ।
नेकपा भितर एमसिसी सम्झौता के कैयन प्रावधान राष्ट्रिय हितविपरित भईला से ओकरा के परिमार्जन करके पारित करे खातिर आवाज उठला के बाद करिब एक बरीस से उ सम्झौता अनुमोदन के विषय प्रतिनिधिसभा मे विचाराधीन बा ।
सम्झौता अनुमोदन भइला पर बाँकी रहल अवस्था मे सरकार आवेवाला आर्थिक बरीस २०७७÷७८ के नीति तथा कार्जक्रम आ बजेट मे उ परियोजना अन्तर्गत के कार्जक्रम आ बजेट समावेश भईल सन्दर्भ मे आजु नेकपा के सचिवालय बईठक बईठल बा ।
सचिवालय सदस्य बाहेक स्थायी कमिटी सदस्य भीम रावल, परराष्ट्रमन्त्री प्रदीप ज्ञवाली आ अर्थमन्त्री डा युवराज खतिवडा भी आमन्त्रित बईठक मे बजेट मे अनुसूचीमा रहल वैदेशिक सहजोग के स्रोत मे उल्लेखित एमसिसी विचाराधीन विषय रहला से संसद् मे होखेवाला निर्णय मुताविक होखेवाला किसिम से अर्थमन्त्री स्पष्ट करेके सहमति भईल बईठक के बाद पार्टी के प्रवक्ता नारायणकाजी श्रेष्ठ जानकारी देहनी ।
संसद् मे सरकार के वार्षिक नीति तथा कार्जक्रम उपर के छलफल मे प्रधानमन्त्री एवं पार्टी नेकपा अध्यक्ष केपी शर्मा ओली से देहल प्रत्युत्तर बमोजिम बजेट मे भाषा स्पष्ट करेके भी उ बतवनी ।
बईठक मे अभी परियोजना के खातिर हो रहल काम के सम्बन्ध मे अनुमोदन के बाद करेवाला कैयन काम अगाडि ना बढावेवाला किसिम से स्थिति बुझ के स्पष्ट करेके आ एमसिसी के बारे मे सचिवालय मे व्यापक छलफल करके बाद मे निर्णय करेके भी निर्णय भईल बा ।
सम्झौता मे काठमाण्डु के लप्सीफेदी से नुवाकोट के रातमाटे तक, रातमाटे से हेटौंँडा तक, रातमाटे से दमौली तक, दमौली से बुटवल तक आ बुटवल से भारत के सिमाना तक के खण्ड मे ४०० केभी क्षमता के प्रसारण लाइन निर्माण तथा रातमाटे, दमौली आ बुटवल मे तीन सवस्टेशन निर्माण करेके उल्लेख बा ।
संसद् से पारित सरकार के नीति तथा कार्जक्रम मे प्रसारण विस्तार के विषय उल्लेख बा । ई कार्जक्रम के खातिर सरकार बजेट विनियोजन कईले बा ।
एहितरे पूर्व–पश्चिम राजमार्ग के कपिलवस्तु जिल्ला के चन्द्रौटा से लमही होत बाँके आ दाङ जिल्ला मे पडेवाला शिवखोला तक कूल १०० किलोमिटर सडक के स्तरोन्नति कईल जाई ।
बुटवल–गोरखपुर अन्तर्देशीय प्रसारण लाइन के नेपाल–भारत सीमा तक के निर्माण के खातिर सहायता उपयोग करेके भी जनावल गईल बा । ई कार्जक्रम के खातिर अघिल्ला आर्थिक बरीस मे भी बजेट विनियोजन कईल रहे ।
उ सम्झौता के बारे मे संसद् के चालू छौ वाँ अधिवेशन मे कार्यसूची के रूप मे प्रवेश मिलेके जनावल गईल बा ।
उ सम्झौता बितल असार ३१ मे प्रतिनिधिसभा मे दर्ता भईला पर भी नेकपा भितर उ सम्झौता यथावत्रूप मे पारित ना करे खातिर आवाज उठला से उ प्रस्ताव रुकल रहे ।
नेकपा के बितल माघ १५ से १९ गते तक भईल केन्द्रीय कमिटी बईठक से उ बारे मे अध्ययन करे खातिर वरिष्ठ नेता झलनाथ खनाल, स्थायी कमिटी सदस्य भीम रावल आ परराष्ट्रमन्त्री प्रदीपकुमार ज्ञवाली रहल अध्ययन कार्यदल गठन कईला मे ओकरा से बितल फागुन ९ गते नेकपा अध्यक्षद्वय केपी शर्मा ओली आ पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचण्ड’ के प्रतिवेदन देहले बा ।
कार्यदल से संशोधन सहित सम्झौता पारित करे खातिर सुझाव देहले रहे ।
उहे विषय मे नेकपा के सचिवालय के इहे जेठ १० गते के अनौपचारिक बईठक मे कुछ स्थायी कमिटी के सदस्यसहित के आमन्त्रण कईल आ एमसिसी सचिवालय के कर्मचारी ब्रिफिङ करवले रहे ।
उ सम्झौता एशिया प्रशान्त रणनीति के अङ्ग ह कहके नेपाल पारित करेके ना होखेके तर्क नेकपा के बितल अगहन २९ से पुस ६ गते तक चलल स्थायी कमिटी बईठक मे उठावल रहे ।
कूल करिब रु ६४ अरब के उ परियोजना मे करिब रु ५१ अरब (५०० मिलियन अमेरिकी डलर) अमेरिका आ रु १३ अरब (१३० मिलियन अमेरिकी डलर) नेपाल सरकार के लगानी होखी । दु पक्षबीच सन् २०१७ सेप्टेम्बर १४ मे नेपाल के ओरी से तत्कालीन अर्थमन्त्री ज्ञानेन्द्रबहादुर कार्की आ एमसिसी के कार्यवाहक प्रमुख कार्यकारी अधिकृत जोनाथन नासबीच ‘कम्प्याक्ट सम्झौता’ भईल रहे ।






