हिरासत मे पिटाई के बाद मृत्यु प्रकरण ः प्रहरी निरीक्षक सहित दु हवल्दार निलम्बित

रौतहट १६ भादो
हिरासत मे पिटाई से मृत्यु भईल कहत मृतक बिजय राम के घटना छानविन के खातिर एक जने प्रहरी निरीक्षक सहित ३ जने पुलीस निलम्बित भईल बाडन ।
इलाका प्रहरी कार्यालय गरुडा रौतहट मे पकडाईल विजय राम से पुछपाछ मे संलग्न जिल्ला प्रहरी कार्यालय, रौतहट मे कार्यरत प्रहरी निरीक्षक नविन कुमार सिंह, प्रहरी हवल्दार हिरोज मियाँ धुनिया आ प्रहरी हवल्दार मन्नु कुमार सिंह के घटना के अनुसन्धान करेके कहत ६ महिना के खातिर निलम्बित कईले बा ।
प्रहरी निमावली २०७१ नियम ११५ के देहाय ४ वमोजिम आउर अनुसन्धान तथा जाँचबुझ समाप्त ना होखे तक के खातिर निलम्वन के खातिर जिल्ला प्रहरी कार्यालय रौतहट के पत्र बमोजीम प्रहरी निरीक्षक नविन कुमार सिंह के गृह मन्त्रालय के सचिवस्तर के भादो १५ के निर्णय आ प्रहरी निमावली २०७१ नियम ११५ के देहाय ४ वमोजिम आउर अनुसन्धान तथा जाँचबुझ समाप्त ना होखे तक ६ महिना समय के खातिर प्रहरी हवल्दार हिरोज मियाँ धुनिया आ मन्नु कुमार सिंह के प्रदेश प्रहरी कार्यालय जनकपुर निलम्वन कईले बा ।
सावन ३१ गते रात रौतहट के गरुडा नपा ८ बसविट्टी जिंगडिया के २० बरीस के निरंजन राम के घेट रेतके हत्या भईल आ उ घटना मे अनुशन्धान करे खातिर बिजय राम सहित ७ जने पुलीस पकडाईल रहलन । उ हिरासत मे बेमार भईला के बाद ईलाज के खातिर वीरगंज पठावल गईल रहे ।
मृत्यु होखे से पहिले ईलाज के समय मे बिजय से बोलल भिडियो आ उनकर तस्बिर सार्वजनिक भईल बा ।
उनकर देहभर घाउचोट भईल तस्बिर सामाजिक संजाल मे सार्वजनिक भईल बाडन ।
निरंजन के हत्या कईल स्वीकार ना कईल कहत हिरासत मे पुलीस दु दिन तक रड, बास के भाटा आ बुट से पिट के यातना देहल बिजय के भिडियो भी सार्वजनिक भईल रहे ।
पीडित परिवार लास बुझले नइखे । पुलीस विरुद्ध जाहेरी देवे खातिर पीडित परिवार आ दलित अगुवाबीच छलफल हो रहल बा ।
दोषि पुलीस के कारबाही के माग राखत पुलीस कार्यालय अगाडि हरेक दिन धर्ना आ प्रर्दशन हो रहल बा ।





