संविधान संशोधन करके बलात्कारी के गोली ठोकेके कानुन बनो” : मुख्यमन्त्री राउत

जनकपुरधाम २३ कुवार
अभी देशभर बलात्कार के घटना बढल बा । कैयन जगहा मे बलात्कारी के गाँव मे पञ्चायती के माध्यम से उन्मुक्ति देहल जा रहल बा ।
कहुँ पुलीस पकडके मुद्दा चलईला पर भी अदालत से रिहा हो रहल बाडन । अईसे बलात्कार के घटना बढला के बाद अपराधी के मृत्युदण्ड देवेके पडि कहके माग होखे लागल बा ।
बलात्कारी के मृत्युदण्ड देवेके पडि कहके हो रहल समय प्रदेश २ के मुख्यमन्त्री लालबाबु राउत भी उ बहस मे समर्थन जनवले बाडन । उ संविधान संशोधन करके बलात्कारी के मृत्युदण्ड देवेके कानुन बनावेके बतवले बानी ।
राउत कहनी, “मानव मे पाशविक प्रवृत्ति बहुते बढल बा । ई बारेमे समय मे ना सोंचला पर हमनी के बेटीसब अभी भी बलात्कृत होखे सकेके अवस्था आवे लागल बा । ई बारेमे गम्भीर होके सोंचेके जरुरत बा ।”
प्रदेश सरकार अधिकार ना मिलला के चलते भी अपराधीलोग के कडा सजायँ करे ना सकल मुख्यमन्त्री राउत के प्रतिक्रिया बा । संघीय व्यवस्था मे गईला के बाद पीडितलोग सीधे आपन आवाज प्रदेश सरकार मे राखे मिलल उ बतवनी ।
बलात्कार करेवाला के पर्याप्त सजायँ ना हो रहल अनुभूति मुख्यमन्त्री राउत कईले बानी । “जेकरा लगे पईसा बा, कुछ समय थुना मे रहेलन आ बाँचेलन” कहत राउत, ई भावना बलात्कारी मे देखल गईल बा । बाँकी जीवन जेल भितर सडेके पडि कहके डर उनका मे आईल नइखे ।”
अभी के अवस्था मे अपराधीलोग के जईसे उन्मुक्ति मिल रहल बा, उ दुःखद रहल बतावत मुख्यमन्त्री राउत कहनी कि, “जहाँ दण्ड नइखे, उहाँ कानुन के औचित्य ना होखेला ।
पुलीस अपराधी के पकडके लिअईला पर भी दण्डित करेवाला किसिम से मुद्दा फायल करे ना सकला पर हमनी के औचित्य का रही ?”
“संविधान संशोधन करके बलात्कारी के गोली ठोकेके कानुन बनावेके पडि”
कडा किसिम के सजाय भईला पर मात्र बलात्कार के घटना कम होखेके बतावत मुख्यमन्त्री राउत कहनी, “हम त कहेम– बलात्कारी भा बलात्कार के बाद हत्या करेवाला के मारेके पडि । ना त, बलात्कार के घटना होत रही ।”
बलात्कार करेवाला के आजीवन कैद करके मात्र ना होखेके आ मृत्युदण्ड हि देवेके बात मे जोड देत उ अगाडि कहनी, “अईसन अपराधी के त साँचोके सार्वजनिक जगहा मे गोली ठोकेके पडि ।
संविधान संशोधन करके ई व्यवस्था लियावल बहुते जरुरी बा ।”
भारत, चीन, पाकिस्तान सहित बहुते लोकतान्त्रिक देश बलात्कारी के मृत्युदण्ड देवेके कानुन बनावल मुख्यमन्त्री राउत बतवनी ।
मृत्युदण्ड सम्बन्धी कानुन के बारे मे मुख्यमन्त्री राउत के तर्क बा, “सब से बडका लोकतन्त्र आ मानवअधिकार के वकालत करेवाला देश अमेरिका मे त मृत्युदण्ड देवेके कानुन बा त इहाँ काहे होखे ना सकि ?”
“प्रदेश के अधिकार ना मिलला से कडा सजाय करे ना सकल”
प्रदेश सरकार गठन ना भईला से बलात्कार के घटना आउर बेसी हो रहल दाबी करत मुख्यमन्त्री राउत उ समय काठमाण्डु के सिंहदरबार तक आवाज पुगावे खातिर सर्वसाधारण के समस्या हो रहल बतवनी ।
“अभी पहिले के जईसन अवस्था नइखे” कहत उ, “अभी त मुख्यमन्त्री तथा मन्त्रिपरिषद के कार्यालय मे पीडितलोग आपन आवाज सुनावे आ रहल बाडन ।
माकिर, बलात्कारी के कडा कारवाही करेके इच्छा भईला पर भी कारवाही करे ना सकल मुख्यमन्त्री राउत के सिकाईत बा ।
उ कहनी, “प्रदेश सरकार गठन भईला पर भी हमनी लग पुलीस प्रशासन नइखे । हमनी के इहाँ के पुलीस प्रशासन मन लागला पर भी कुछो जानकारी करावेलन, मन ना लागला पर कुछो जानकारी ना करावेलन ।
प्रदेश लगे आपन पुलीस प्रशासन ना भईला से बलात्कारी के कारबाही करे ना सकल मुख्यमन्त्री राउत के कहनाम बा ।
उ कहनी, “दोषी के कारवाही करावे खातिर हमनी के भूमिका भी होखी, माकिर नइखीसन सकत । पुलीस प्रशासन काम करे नइखन सकल आ ओईसन के कारवाही भी करेके पडि । माकिर, उ अधिकार हमनी लग नइखे, ओसे उलोग के बाँचेके सम्भावना रहल बा ।”
अभी संंघीय सरकार प्रदेश के पंगु बनावे के खोजल आरोप लगावत राउत संविधान मे व्यवस्था कईल बात के विरुद्व मे संघ काम कर रहला से अपराधी के दण्डित करे ना सकल बतवनी ।
पुलीस प्रशासन जनता के साथी बने ना सकल उनकर सिकाईत बा । मुख्यमन्त्री राउत कहनी, “अबगे हमनी आयोजना कईल प्रदेशस्तरीय सुरक्षा गोष्ठी मे पुलीस जनता के साथी बने ना सकल स्पष्टरुप मे कहले बानी । पुलीस प्रशासन से कर रहल गतिविधि मे समयसापेक्ष सुधार करेके जरुरत बा ।”
“बडकालोग हि जोगावत बाडन बलात्कारी”
बलात्कारी उपर कडा कानुन बनावे के पक्ष मे रहल मुख्यमन्त्री राउत अभी जघन्य अपराधीलोग के बँचावेमे आ उन्मुक्ति देवेके क्रम बढल कहत चिन्ता व्यक्त कईले बानी । मधेस मे होखेवाला “पञ्चायती” उपर भी राउत कडा प्रतिक्रिया देहनी ।
गाँवघर मे पञ्चायती बईठल बढिया भईला पर भी पञ्चायती के माध्यम से बलात्कारी के उन्मुक्ति देहल ठीक ना भईल उनकर कहनाम बा ।
“पञ्चायती त परापूर्वकाल से रहत आईल बा” कहत उ, “माकिर पिछिलका समय मे बलात्कारी जईसन अपराधी के बँचावे खातिर जउन पञ्चायती हो रहल बा, उ निकृष्ट काम ह ।”
पहुँच के आधार मे पञ्चायती करके अपराध के दबावेके, दोषी के बँचावेके आ पीडित के हि दबाके जाएके प्रवृत्ति देखल गईल मुख्यमन्त्री राउत बतवनी ।
उ कहनी, “बलात्कार घटना मे संलग्न के कारबाही करईला के बदले पञ्च के नाम मे भा जनप्रतिनिधि के नाम मे, पीडक के पक्ष मे लाग के कहीँ न कहीँ अपराधी के सजायँ होखे ना देहल दुःखद ह ।”
बलात्कारी के राजनीतिक संरक्षण करेके ना होखी राउत बतवनी ।
“बलात्कारी के कारवाही ना कईल सवाल मे पुलीस प्रशासन एगो पार्ट होखी, माकिर राजनीतिककर्मी भी दोष से उम्के ना सकिहन” कहत मुख्यमन्त्री राउत, “राजनीतिक दल के आदमीसब आपन आदमी के नाम मे अपराधी के संरक्षण कर रहल बाडन ।”
अपराधीलोग आपन नातेदार भईला पर भी संरक्षण करेके ना होखी मुख्यमन्त्री राउत बतवनी ।
“अपराधी, अपराधी हि हउनव, चाहे आपन बेटा, भाई भा पार्टी के नेता कार्यकर्ता हि काहे ना होखस” कहत उ, “अईसन घटना मे संलग्न भईला के बाद कारवाही करावेके ओरी जाएके पडि ।
हमनी जब ई सोच से उपर ना उठेम, अईसन अपराध के घटना होत रही ।”




