संसद विघटन खारेजी के माग करत वीरगंज मे राष्ट्रपति आ प्रधानमन्त्री के पुत्ला दहन

वीरगंज १० पुस

वीरगंज मे जनता समाजवादी पार्टी राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी आ प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली के पुत्ला दहन कईले बा ।

जनता समाजवादी पार्टी से प्रधानमन्त्री के सिफारिस मे राष्ट्रपति से संसद विघटन कईल असंवैधानिक कहत आईल बा । ओकर विरोध मे चरणवद्ध आन्दोलन मे रहल जसपा शुक के दिने घण्टाघर मे राष्ट्रपति आ प्रधानमन्त्री के पुत्ला दहन कईले बा ।

पूर्वतयारी के साथ पुत्ला जलावे खातिर जसपा के नेता कार्यकर्ता घण्टाघर मे जम्मा भईल रहलन । पूर्व निर्धारित कार्जक्रम भईला से सुरक्षाकर्मी के टोली भी तैनाथ रहे ।

उलोग प्रधानमन्त्री के पुत्ला जरावते मातर पुलीस हस्तक्षेप करके बुतवले रहे । पुलीस हस्तक्षेप होखेके अनुमान कईल प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति आ प्रधानमन्त्री के दु÷दु गो पुत्ला बनवले रहलन । पुत्ला दहन मे प्रहरी हस्तक्षेप अलोकतान्त्रिक कदम भईल जसपा के युवा नेता ओमप्रकाश सर्राफ बतवनी ।

“शान्तिपूर्ण आन्दोलन करे मिलेके लोकतान्त्रिक अधिकार ह, माकिर पुलीस मार्फत हस्तक्षेप करके सरकार निरंकुशता प्रदर्शन कईले बा” कहत उ “सरकार के तानाशाही प्रवृत्ति देखल गईल बा ।

शान्तिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करे ना मिलला पर जनआन्दोलन मार्फत व्यवस्था परिवर्तन कईला के का अर्थ भईल ?”

पुलीस से हस्तक्षेप कईला के बाद प्रदर्शनकारी पुलीस विरुद्ध भी नाराबाजी कईले रहलन । प्रदर्शन मे सहभागी नेता कार्यकर्तालोग प्रधानमन्त्री लोकतन्त्र उपर प्रहार कईल बतवले बाडन । उलोग लोकतन्त्र, गणतन्त्र आ संघीयता के रक्षा के खातिर प्रदर्शन करेके पडल बतवले बाडन ।

संसद पुनर्स्थापना ना होख तक आन्दोलन के कार्जक्रम जारी राखेके जसपा जनवले बा । वीरगंज महानगरपालिका के नगर प्रमुख तथा जनता समाजवादी पार्टी के नेता विजयकुमार सरावगी नयाँ संविधान कार्यान्वयन के चरण मे रहल अवस्था मे प्रहार भईल बतवनी ।

एगो पार्टी के बहुमत मिलल अवस्था मे संसद विघटन के रास्ता खोजल गलत कदम भईल उनकर टिप्पणी बा ।

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