सरकार लियवलख १६ खरब ४७ अरब ५७ करोड के बजेट

काठमाण्डु १५ जेठ

अनेक आलोचना आ प्रतिक्रिया के बीच सरकार अध्यादेश से पूर्ण आकार के बजेट लिआईल बा । राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी शुक के दिने हि बजेटसम्बन्धी तीन अध्यादेश जारी कईला के बाद अर्थमन्त्री विष्णुप्रसाद पौडेल आर्थिक बरीस २०७८÷७९ के बजेट प्रधानमन्त्री तथा मन्त्रीपरिषद् कार्यालय से सार्वजनिक कईलनी ।

सरकार संसद विघटन कईला से नयाँ संविधान अईला के बाद पहिलका बेर अध्यादेश से बजेट आईल बा ।

स्वास्थ्य क्षेत्र मे पहिलका बेर १ खरब से बेसी बजेट विनियोजन भईल आवेवाला आर्थिक बरीस २०७८÷७९ बरीस के बजेट के आकार १६ खरब ४७ अरब ५७ करोड पुगल बा ।

सरकार ई मध्यमकालीन खर्च संरचना से तोकल बजेट के आकार से कुछ कम आकार के बजेट लिआईल बा । अर्थमन्त्री विष्णुप्रसाद पौडेल बजेट मे विनियोजन दक्षता देखावे खातिर भरपुर कोशिस कईले बाडन ।

सरकार चालु आर्थिक बरीस के बराबरी मे ११.७२ प्रतिशत वृद्धि करत बजेट के आकार तय कईले बा । एकरा खातिर चालु आर्थिक बरीस के बराबरी मे राजस्व संकलन मे २० प्रतिशत वृद्धि होखेके अनुमान कईले बा ।

चालु आर्थिक बरीस के बराबरी मे बाह्य कर्जा मे भी बडका आँट देखावे यना सकल सरकार से आन्तरिक कर्जा पर्याप्त लेवेवाला किसिम से लक्ष्य तय कईले बा । चालु आर्थिक बरीस मे सरकार १४ खरब ७४ अरब ६४ करोड रोपेया के बजेट कार्यान्वयन कर रहल बा ।

चालु खर्च के संरचना टुक्रा कईल गईल

सरकार आवेवाला बरीस के बजेट विनियोजन के समय मे तथ्यांक के संरचना मे चतु¥याई कईले बा । वितल समय मे प्रदेश आ स्थानीय सरकार के जाएवाला अनुदान के चालु खर्च मे राख के सार्वजनिक कईल सरकार ई बेर संघ से खर्च होखेवाला बजेट के मात्र चालु भितर रखले बा ।

प्रदेश आ स्थानीय तह मे जाएवाला बजेट के चालु खर्च से अलग कईल बा । अर्थ मन्त्रालय के तथ्यांक मुताविक आवेवाला आव मे सरकार चालु ओरी ६ खरब ७८ अरब ६१ करोड रोपेया विनियोजन कईले बा । पुँजीगत खर्च ३ खरब ४७ अरब २६ करोड बराबर विनियोजन भईल बा ।

वित्तीय व्यवस्था ओरी २ खरब ७ अरब ९७ करोड रोपेया विनियोजन भईल बा । निचलका तह मे जाएवाला अनुदान ३ खरब ८६ अरब ७१ करोड रहल बा । खर्च के हिस्सा मुताविक चालु खर्च के प्रतिशत ४१.२ रहल बा । पुँजीगत खर्च के हिस्सा २२.७ प्रतिशत, वित्तीय व्यवस्था मे १२.६ प्रतिशत आ स्थानीय आ प्रदेश तह मे वित्तीय हस्तान्तरण भईल रकम २३.५ प्रतिशत रहल बा । वित्तीय हस्तान्तरण से निचलका सरकार मे गईल रोपेया मेसे ६० अरब ९७ करोड रोपेया पुँजीगत प्रयोजन मे खर्च होखेके अनुमान केन्द्र सरकार कईले बा ।

२० प्रतिशत बढल राजस्व संकलन के लक्ष्य

सरकार ई बरीस २० प्रतिशत राजस्व संकलन के लक्ष्य लेहले बा । चालु आव मे संघीय सञ्चित कोष मे ८ खरब ८९ अरब ६२ करोड रोपेया संकलन होखेके लक्ष्य राखल गईला मे आवेवाला आर्थिक बरीस मे राजस्व संकलन के लक्ष्य १० खरब २४ अरब ९० करोड पुगावल गईल बा ।

राजस्व परामर्श बोर्ड आवेवाला आर्थिक बरीस के खातिर कईल सिफारिस मुताविक हि अर्थ मन्त्रालय राजस्व संकलन के लक्ष्य मे परिमार्जन कईले बा । नेपाल मे पिछिलका कुछ बरीससब के तथ्यांक से भी राजस्व संकलन औसत २० प्रतिशत से बेसी हो रहल देखल गईल बा ।

६.५ प्रतिशत आर्थिक वृद्धिदर

कोरोना महामारी के बीच सरकार आवेवाला आव मे भी महत्वकांक्षी आर्थिक वृद्धिदर के लक्ष्य रखले बा । आवेवाला आर्थिक बरीस २०७८÷७९ मे ६.५ प्रतिशत के आर्थिक वृद्धिदर प्राप्त होखेवाला लक्ष्य सरकार लेहले बा । आवेवाला आव मे कोभिड १९ विरुद्ध के खोप व्यवस्था से परिस्थिति सामान्यीकरण ओरी उन्मुख होखेके अपेक्षा सरकार कईले बा ।

खोप के उपलब्धता, पूर्वाधार विकास, राष्ट्रिय गौरव के आयोजना निर्माण पुरा होखेके कहत एकरा से आर्थिक वृद्धि मे सहजोग पुगेके अर्थमन्त्री पौडेल बतवनी । सरकार चालु आर्थिक बरीस के बजेट मे ७ प्रतिशत हाराहारी आर्थिक वृद्धि होखेके अनुमान कईले रहे ।

माकिर, ई आर्थिक वृद्धिदर के अनुमान के केन्द्रिय तथ्यांक विभाग से ४.०१ प्रतिशत मात्र रहेवाला संशोधित अनुमान कईले रहे । माकिर, स्वयं अर्थमन्त्री से बजेट भाषण के दौरान उ लक्ष्य भी मिले ना सकल स्वीकार कईले बाडन । मुद्रास्फिति भी ६.५ प्रतिशत भितर राखेके बतवले बा ।

सब से बेसी बजेट शिक्षा मे

सरकार आवेवाला आर्थिक बरीस मे सबसे बेसी बजेट शिक्षा क्षेत्र मे विनियोजन कईले बा । बजेट मे शिक्षा क्षेत्र मे १ खरब ८० अरब ४ करोड बजेट विनियोजन भईल बा । शिक्षा तथा सामाजिक विकास मन्त्रालय के खातिर चालु आर्थिक बरीस मे १ खरब ७१ अरब बजेट कार्यान्वयन हो रहल बा ।

शिक्षा के बजेट पाठ्यक्रम वितरण वितरण, छात्रवृत्ति, एक विद्यालय, एक स्वास्थ्यकर्मी के व्यवस्था, सभी विद्यार्थी के स्वास्थ्य जाँच करेवाला सहितका नीति के कार्यान्वयन मे खर्च होखी । बजेट मे विश्वविद्यालय के देवेवाला अनुदान अन्तर्गत के १८ अरब ३४ करोड रोपेया भी एमे समावेश बा । शैक्षिक पूर्वाधार के काम भी एमे रही ।

स्वास्थ्य क्षेत्र के बजेट पहिलका बेर १ खरब से बेसी पुगल

कोरोना महामारी के बीच सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र के बजेट पहिलका बेर १ खरब से बेसी पुगवले बा । अर्थ मन्त्रालय के मुताविक चालु आर्थिक बरीस २०७८÷७९ मे सरकार स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मन्त्रालय के खातिर १ खरब २२ अरब ७७ करोड रोपेया बजेट विनियोजन भईल बा ।

स्वास्थ्य क्षेत्र मे सरकार चालु आव मे सरकार ९० अरब ६९ करोड रोपेया बजेट विनियोजन करके कार्यान्वयन कर रहल बा । आवेवाला आव मे उच्च वृद्धि करत सरकार १ खरब २२ अरब पुगावल अर्थमन्त्री पौडेल जानकारी देहनी ।

स्वास्थ्य मन्त्रालय के बजेट बाहेक खोप व्यवस्थापन करे खातिर २६ अरब ७५ करोड विनियोजन भईल बा । खोप सहित कुल कोभिड रोकथाम मे ३७ अरब ५३ करोड बजेट विनियोजन भईल बा ।

कृषि मे लगानी विस्तार के प्रयास

सरकार कृषि क्षेत्र मे भी बजेट बढावत प्राथमिकता मे रहल संकेत कईले बा । आवेवाला आर्थिक बरीस के खातिर सरकार कृषि मे ४५ अरब ९ करोड बजेट विनियोजन कईले बा ।

चालु आर्थिक बरीस मे सरकार कृषि मे ४१ अरब ४० करोड रोपेया के कृषि बजेट कार्यान्वयन हो रहल बा । ई बजेट मे कृषक के लक्षित कईल अनेकन किसिम के अनुदान सहित रासायनिक मल खरिद मे भी खर्च होखी ।

वृद्धभत्ता आ कर्मचारी के तलव वृद्धि

सरकार आवेवाला आर्थिक बरीस के बजेट के लोकप्रिय बनावे खातिर पर्याप्त प्रयास कईले बा । एमे जेष्ठ नागरिक से मिलत आईल भत्ता एक हजार रोपेया बढल बा । अब जेष्ठ नागरिक से मासिक ४ हजार रोपेया भत्ता मिली ।

सरकार कर्मचारी के पारिश्रमिक भी बढवले बा । एमे सभी तह के कर्मचारी के समान २ हजार रोपेया वृद्धि भईल बा । पुलीस कर्मचारी के रासन १५ प्रतिशत से बढावत पुलीस संगठन के भी सरकार खुसी बनावे के खोजले बा । सभी किसिम के सामाजिक सुरक्षा भत्ता मे ३३ प्रतिशत वृद्धि कईले बा ।

सरकार बजेट मे विद्यार्थी के ल्यापटप किने खातिर १ प्रतिशत मे कर्जा, शैक्षिक प्रमाणपत्र धितो मे प्रवाह होखेवाला कर्जा के सीमा करीव चार गुणा से बढाके २५ लाख पुगवले बा ।

सरकारी कर्मचारी के १० दिन भ्रमण काज बिदा घोषण करके पर्यटन व्यवसायी के भी खुसी बनावे के प्रयास सरकार कईले बा । राहत, सहुलियत आ आर्थिक पुनरुत्थान के माध्यम से भी बजेट के लोकप्रिय बनावे के प्रयास कईले बा ।

खानेपानी के महसुल छुट देवेके, निषेधाज्ञा अवधिभर खाद्य व्यापार तथा व्यापार कम्पनी आ साल्ट ट्रेडिङ कम्पनी से बिक्री होखेवालला खाद्यान्न मे २० प्रतिशत छूट के घोषणा सरकार कईले बा । विद्युत डिमाण्ड शुल्क मे छुट, कोभिड से अतिप्रभावित क्षेत्र के लक्षित करके विविध प्याकेज लियावत सरकार निजी क्षेत्र के खुसी बनावे के कोसिस कईले बा ।

सांसद के देवेवाला बजेट खारेज

‘सांसद विकास कोष’ नाम से चर्चित स्थानीय विकास साझेदारी कार्जक्रम के आवेवाला आर्थिक बरीस से सरकार निरन्तरता ना देवेके जनवले बा । वर्तमान सरकार आईल समय से हि आलोचित बनल ई कार्जक्रम के सरकार संसद विघटन भईल मौका मे खारेज कईले बा ।

एकरा सँगे सरकार आलोचकलोग के मुह बन्द करेके प्रयास भी कईले बा । शनिचर के दिने अर्थमन्त्री पौडेल आवेवाला आर्थिक बरीस २०७८÷७९ के खातिर बजेट प्रस्तुत करेके समय मे ई कार्जक्रम के बारे मे उल्लेख ना कईलख ।

बितल बरीस सरकार संघीय संसद निर्वाचन क्षेत्र के खातिर ६ करोड रोपेया के दर से बजेट विनियोजन कईले रहे । चालु आर्थिक बरीस २०७७÷७८ के खातिर ६ अरब ६० करोड अर्थात प्रति निर्वाचन क्षेत्र बराबर ४ करोड रोपेया विनियोजन कईले रहे ।

सरकार कोरोना भाइरस के महामारी रोकथाम, नियन्त्रण ईलाज के खातिर स्रोत व्यवस्थापन करेके आ आम नागरिक के सुझाव के भी आधार मान के उ कार्जक्रम खारेज कईल अर्थमन्त्री पौडेल बतवनी ।

‘कोभिड महामारी के रोकथाम, नियन्त्रण आ ईलाज तथा प्रभावित के प्रदान करेवाला राहत एवम् आर्थिक पुनरूत्थान के खातिर स्रोत व्यवस्थापन करेके जरुरत आ आम नागरिक के सुझाव के भी सम्मान करत स्थानीय पूर्वाधार साझेदारी विकास कार्जक्रम खारेज कईले बानी’ उ कहनी ।

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