रेल के १६० से बेसी कर्मचारी के हाजिरी मे रोक

काठमाण्डु २० भादो
नेपाल रेल्वे कम्पनी एके बेर १६० से बेसी कर्मचारी के हाजिरी करेमे रोक लगवले बा । तत्कालीन महाप्रवन्धक गुरु भट्टराई ज्यालादारी मे प्रतिस्पर्धाविना हि भर्ना कईल कर्मचारी के नयाँ महाप्रवन्धक निरञ्जनकुमार झा हाजिरी मे रोक लगवले बाडन ।
एकरा सँगे उलोग तत्काल के खातिर आपन जिम्मेवारी से अलग भईल बाडन । माधवकुमार नेपाल पक्ष के कोटा से महाप्रवन्धक नियुक्त भईल झा एकरा से पहिले के महाप्रवन्धक से कईल नियुक्ति से कम्पनी के बोझ मात्र सिर्जना कईल आरोप लगावत कर्मचारी के हाजिरी करेमे रोकले बाडन ।
जयनगर–कुर्था खण्ड मे रेल चलावेके कहत भर्ना कईल इन्जिनियर से सुरक्षा गार्ड तक के कम्पनी हाजिरी मे रोक लगवले बा । जनकपुर जयनगर रेल कहिया से चलावेके बात टुंगो ना लागल कहत महाप्रवन्धक झा उलोग के हाजिरी ना करे खातिर आ कईला पर कम्पनी ओकर जिम्मवार ना होखेके कहत सूचना निकलले बाडन ।
उलोग के बईठाके तलब देवेके अवस्था आईल कहत कम्पनी ओईसे पारिश्रमिक बापत भुक्तानी करेके आ काम कम्पनी सँगे ना भईल बतवले बा ।
कम्पनी सोझे भर्ना खोजला के बाद लोकसेवा आयोग रोक लगवले रहे । माकिर, तत्कालीन प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली रेल चलावे खातिर जोडबल कईला के बाद लोकसेवामर्फत कर्मचारी छनोट प्रक्रिया लम्हर होखेके कहत सोझे ज्यालादारी मे भर्ना कईल रहे ।
उलोग जनकपुरस्थित कम्पनी के कार्यालय मे हाजिरी मात्र करके पारिश्रमिक बुझत रहलन ।
कर्मचारीलोग कम्पनी के निर्णयविरुद्ध जिल्ला प्रशासन कार्यालय मे ज्ञापनपत्र हि बुझवले बाडन । विधिवत काम मे खटईला के बाद हाजिर रोक के पारिश्रमिक ना देवेके बात काननसंगत ना भईल उलोग के दावी बा ।
विदेशी दक्ष जनशक्ति से तालिम लेके रेल सञ्चालन करे खातिर तईयार अवस्था मे रहल समय ओईसन कर्मचारी हटाके फेनु तालिम देवे खातिर बडका आर्थिक भार परेके उलोग के दावी बा ।
सरकार हि रेल ना चलईला के चलते खुदसब काम विहीन भईला से जलदी काम मे फिर्ता करके रेल चलावे खातिर उलोग के माग बा ।
भारत के कांकण रेल्वे सँगे खरिद भईल करिब एक अरब के रेल ना चलाके एकर वारेन्टी पिरियड ओराए लागल बा । एकर मेजर सर्भिसिङ ना करके रेल संचालन करे ना सकेके कहत उलोग सरकार से जलदी रेल चलावेके माग कईले बाडन ।
उलोग मन्त्रिपरिषद से स्वीकृति लेके कम्पनी खुदसब के भर्ना कईल कहत काम से हटावेके आ पारिश्रमिक ना देवेके काम गैरकानुनी होखेके दावी कईले बाडन ।





