प्रधानन्यायाधीश से तत्काल राजीनामा देवेके पडि : नेता महतो

वीरगंज ३० कातिक

लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी (लोसपा) के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र महतो न्यायालय के असफल होखेसे बँचावे खातिर प्रधानन्यायाधीश चोलेन्द्र शमशेर जबरा अविलम्ब राजीनामा देवेके बतवले बाडन ।

वीरगंज मे मंगर के दिने आयोजना कईल पत्रकार सम्मेलन मे नेता महतो न्यायालय असफल भईला पर देश भी असफल होखेवाला भईला से प्रधानन्यायधीश जबरा पद से राजनीनामा देवेके बतवले बाडन । महत्तो कहनी, ‘देशभर के कानुन व्यवसायीलोग आन्दोलन मे बाडन, सर्वोच्च के न्यायाधीश भी जबरा के विरोध मे बाडन, अदालत बहुते दिन से बन्द बा, जनता न्याय मिले से बञ्चित बाडन । अईसन अवस्था मे न्यायालय के बन्दी बनाके राखल उचित ना होखी, जबरा अविलम्ब राजीनामा देके न्यायालय आ देश के असफल होखेसे जोगावे के पडि ।’

न्यायालय उपर जनता के भरोसा टुटला पर देश भी असफल होखेके खतरा रहल उ बतवनी । न्यायालय सेटिङ मे चल रहल आ ओकर प्रमुख जिम्मेवार प्रधानन्यायधीश जबरा हि भईल कहत लोसपा के नेता महत्तो जबरा से सेटिङ मे फैसला करत अईला के चलते हि कानुन व्यवसायी आ न्यायाधीशलोग जबरा के राजीनामा माँगल बतवनी ।

ओहिसे अब भी न्यायालय के गरिमा आ साख बचावेके बा त प्रधानन्यायाधीश जबरा अविलम्ब राजीनामा देके निकास देवेके महत्तो के कहनाम रहे । महत्तो कांग्रेस, एमाले आ माओवादी भी सेटिङ मे न्यायालय के चला रहल आरोप भी लगवनी ।

फरक प्रसङग मे नेता महत्तो कांग्रेस आ कम्युनिस्ट एकल जातीय सोच आ चिन्तन से देश के शासन सत्ता चलावल हि देश मे अभी देखल गईल समस्या के जड भईल बतवनी । उ कहनी, ‘नेपाल बहुल राष्ट्रिय राज्य ह, ओहिसे जब तक बहुलराष्ट्र राज्य के रुप मे शासन आ संविधान ना चलि तब तक देश मे अभी के जईसन समस्यासब आवत रही ।’

नेता महत्तो मधेसी, दलित, सिमान्तकृत समुदाय के अधिकार आ पहिचान के लडाइँ अभी भी खुद लड रहल कहत अब के आन्दोलन सिंहदरबार केन्द्रित होखेके चेतावनी भी देहनी । उ कहनी, ’वितल समय मे मधेस केन्द्रित आन्दोलन कईल गईल माकिर ओकर असर काठमाण्डु मे परे ना सकल, ओहिसे अब के आन्दोलन काठमाण्डु आ सिंहदरबार केन्द्रित होखी, एकरा खातिर हमनी तइयारी कर रहल बानी ।’

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