लम्हर समय के बाद भईल वर्षात से किसानलोग मे खुसीयाली

अजय कु. चौरसिया
वीरगंज २२ सावन
लम्हर समय तक वर्षात ना भईला से पानी के मुहान सुखत गईला के बाद चिन्तित बनल स्थानीयलोग एतवार से हो रहल वर्षात से राहत महसुस भईल बतवले बाडन ।
वर्षात ना भईला से खानेपानी के मुहान सुखला के साथे खेतीपाती के खातिर सिँचाइ के कमी महसुस करत आईल स्थानीयलोग बितल रात से वर्षात से मुहान लवटेके आशा जगवले बा । पिछिलका बेर के वर्षात ना भईला से पियरात गईल धान के रोपा, फलपूmल के गाछि, तरकारी, ऊँख, मकई लगायत के अन्नबाली के राहत मिलल किसान बतवले बाडन ।
“बितल रात के वर्षात से इनार, चापाकल आ बोरिङसहित के पानी के मुहान अब लवटेके आशा बढल बा” वीरगंज–१५ के किसान राजन सिंह कहनी, “अब खानेपानी के सङ्कट ना होखी ।” एतवार से पानी परला से माटी के भित्री सतह तक चिस्यान पुगल उ बतवनी । जिल्ला के उत्तर चुरे आ एकर शृङ्खला से निकलेवाला नदी, पोईनीसब मे अब पानी आवेके सम्भावना बढल उनकर कहनाम रहे । सावन तिसरका हप्ता मे परल पानी से मुहान खुलेके आ भण्डारण ट्याङ्की मे पानी के कमी ना होखेके विश्वास खानेपानी संस्थान वीरगंज जनवले बा । “पानी ना परला से करिब तीन महिना पानी के समस्या भईल । भण्डारण ट्याङ्की खाली होखेके चिन्ता रहे”, कहत उ, “वर्षात भईला के बाद नदी, पोईनी मे पानी आवेके विश्वास बढल बा ।”
वीरगंज आसपास क्षेत्र मे चापाकल सुखला से ट्याङ्कर से घरघर खानेपानी वितरण होत आईल रहे । धान के बिया गिरावेके समय से हि इहाँ के किसान पानी के समस्या भोगत आईल बाडन । जिल्ला मे करिब ७० प्रतिशत खेतीयोग्य जमिन मे आकासे पानी के भर मे खेती होत आईला पर अभी तक बहुते खेत पारता रहल कृषि ज्ञान केन्द्र वीरगंज कार्यालय जनवले बा । धान रोपला के बाद सिँचाइ के समस्या से दादार (चिरा) फाँटल खेत के अभि राहत मिलल बा । वर्षात के पानी से से धान, ऊँख, तरकारी तथा फलपूmल के नयाँ पौधा बढेमे मद्दत पुगेके जनावल गईल बा । एकओरी पानी परला से किसानलोग खुसी भईल बाडन त दोसर ओरी गरिब, असहायक घर ना भईल त्रिपाल मे रहेवालालोग पिडित बनल वीरगंज छपकैया निवासी दिनानाथ राम बतवले बानी । हमनी गरिब असहाय आदमी बानी, हमनी के घर ना भईला से बितल लम्हर समय से त्रिपाल टाँग के लईकालइकी सहित रहत आईल बानी । हमनी खातिर राहत के व्यवस्था होखो कहके खातिर सम्बन्धित निकाय से माग कईले बाडन ।






