वीरगंज ड्राइपोर्ट के काम सुरु

वीरगंज १८ कुवार
वीरगंज के सिर्सिया सुक्खा बन्दरगाह (ड्राइपोर्ट) मे मुआब्जा पीडितलोग धर्ना स्थगित कईला के बाद डाइपोर्ट के काम नियमित रूप मे सुचारु भईल बा ।
ड्राइपोर्ट आ एकीकृत भन्सार जाँच चौकी(आइसीपी) विस्तार के खातिर अधिग्रहण कईल जमिन के मुआब्जा ७ बरीस से ना मिलल कहत पीडित जग्गाधनीलोग बितल एतवार से ड्राइपोर्ट के मुख्य गेट मे धर्ना देहला के चलते ड्राइपोर्ट के कामकाज हि प्रभावित भईल रहे ।
बियफे के सँझिया पीडित जग्गाधनी के अगुवा आ ड्राइपोर्ट भन्सार प्रमुख डाक्टर रामप्रसाद मैनाली बिच भईल वार्ता मे तीन बुँदे सहमति होके धर्ना स्थगित कईला सँगे ड्राइपोर्ट के कामकाज नियमित रूप मे सुचारु भईल बा ।
वार्ता मे बाँकी मुआब्जा छठ पर्व से पहिले सम्बन्धित जग्गाधनीलोग के वितरण करेके लगायत के तीन बुँदे सहमति भईला सँगे खुदसब धर्ना स्थगित कईल मुआब्जा पीडित संघर्ष समिति के संयोजक अशोक चौधरी बतवनी ।
एकरा से पहिले बितल एतवार से पीडित जग्गाधनीलोग संघर्ष समिति हि गठन करके ड्राइपोर्ट के मुख्य गेट मे पाल टाँगके सबेरे से सँझिया तक धर्ना देत अईला के चलते ड्राइपोर्ट कार्यालय आ भन्सार के कामकाज हि प्रभावित होत आईल रहे ।
वीरगंज महागनरपालिका–२५ स्थित सिर्सिया सुक्खा बन्दरगाह आ एकीकृत भन्सार जाँच चौकी(आइसीपी) बीच के करिब ६२ बिगहा के ९ सय २० कित्ता जमिन सरकार २०७३ पुष मे अधिग्रहण करके रोक्का कईले रहे ।
उहे बरीस के कातिक २७ गते से जिल्ला प्रशासन कार्यालय पर्सा मार्फत जग्गाधनी के मुआब्जा रकम वितरण भी सुरु कईल रहे ।
ओकरा एने बेर बेर मे करके अभी तक ८ सय २३ कित्ता जमिन के करिब ४ अरब ५० करोड रोपेया मुआब्जा रकम वितरण भइल बा । अब १३ बिगहा जमिन के मात्र करिब २ अरब ३६ करोड रोपेया मुआब्जा वितरण होखेके बाँकी बा । ई बाहेक ई बाहेक जमिन मे बनल घर, गाछि, कृषि, पोखरी, चापाकल जईसन सम्पत्ति के भी मुआब्जा वितरण करेके बाँकी बा ।
सरकार सात बरीस पहिले हि अधिग्रहण करके रोक्का कईल जमिन मेसे मुआब्जा मिलेके बाँकी रहल जग्गाधनीलोग एकरा से पहिले भी बेर बेर प्रदर्शन आ धर्ना देत आईल रहे ।
एकरा से हरेक बेर प्रदर्शन कईला पर सरकार के निकाय से आश्वासन मिलला पर धोका मिलला के बाद ई बेर निर्णायक हि होखेवाला किसिम से खुदसब धर्ना सहित के कार्जक्रम कईल संघर्ष समिति के संयोजक चौधरी बतवनी ।
चौधरी कहनी, ‘आजु कईल सहमति अन्तिम हि ह, जदि छठ से पहिले बाँकी मुआब्जा सरकार से वितरण ना कईल आ फेनु धोका भईला पर हमनी के धैर्यता के बाँध टुटी । ई बात सरकार अभी हि बुझला से होखी ।’ उल्था अन्नपूर्ण






