सप्तकोशी मे ५६ बरीस एने के उच्च बहाब, सवारीसाधन सञ्चालन मे रोक
सप्तकोशी मे ५६ बरीस एने के उच्च बहाब, सवारीसाधन सञ्चालन मे रोक

धरान १२ कुवार
सप्तकोशी नदी मे ५६ बरीस एने के पानी के बहाब उच्च रहल बा । सन् १९६८ मे सप्तकोशी नदी मे पानी के बहाब प्रतिसेकेन्ड ७ लाख ७७ हजार २ सय क्युसेक पुगल रहे । शनिचर के दिने ५६ बरीस के बाद बहाब प्रतिसेकेन्ड ५ लाख ५७ हजार ३० क्युसेक मापन कईल जिल्ला प्रहरी कार्यालय सुनसरी के प्रवक्ता डीएसपी नविनकृष्ण भण्डारी बतवनी ।
लगातार के वर्षात के चलते सप्तकोशी नदी मे पानी के बहाब बढल उनकर कहनाम बा । सप्तकोशी मे पानी के बहाब १८ नम्बर दुवारी के पुल उपर से बहे लागल रहे । पानी के बहाब सतह पार कईला के बाद कोशी ब्यारेज मे यातायात के साधन सञ्चालन मे रोक लगावल गईल डीएसपी भन्डारी बतवनी । कोशी ब्यारेज मे पानी के सतह सीमा पार कईला के बाद भारतीय दूतावास के निर्देशन मे कोशी ब्यारेज मे यातायात के साधन सञ्चालन मे रोक लगावल गईल बा ।
सप्तकोशी मे पानी के बहाब प्रतिसेकेन्ड एक लाख ५० हजार क्युसेक से बेसी भईला पर खतरा मानल जाला । सप्तशी मे पानी के बहाब से सतह पार कईला के बाद कोशी ब्यारेज के ५६ गो दुवारी खोलल बा । उच्च सतर्कता अपनावत यातायात के साधन बन्द कईल सुनसरी के प्रहरी प्रमुख एसपी बिपिन रेग्मी बतवनी । पानी के बहाब बढला के बाद कोशी ब्यारेज मे खतरा के संकेत स्वरुप लाल बत्ती बारल बा ।
बाढ से होखेवाला सम्भावित घटना के ध्यान देत कोशी आसपास के बासिन्दा के सतर्क रहे खातिर स्थानीय प्रशासन निहोरा कईल सुनसरी के प्रमुख जिल्ला अधिकारी रामचन्द्र तिवारी बतवनी । उ सप्तकोशी आसपास के क्षेत्र मे नेपाल प्रहरी, सशस्त्र प्रहरी आ नेपाली सेना परिचालन करके जनता के जानधन के सुरक्षा करे खातिर टोली परिचालन कईल बतवनी ।





