वीरगंज वडा नं. ७ में जसपा आ काँग्रेस के नेता लोग के एमाले में प्रवेश, प्रदीप यादव कहले – “चुनाव देश बचावे के लड़ाई बा”
वीरगंज वडा नं. ७ में जसपा आ काँग्रेस के नेता लोग के एमाले में प्रवेश, प्रदीप यादव कहले – “चुनाव देश बचावे के लड़ाई बा”

वीरगंज ९ फागुन
वीरगंज महानगरपालिका–७ में आयोजित पार्टी प्रवेश कार्यक्रम में जनता समाजवादी पार्टी, नेपाल (जसपा) के स्थानीय नेता आ वडाध्यक्ष प्रत्याशी दीपक महतो नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले) में प्रवेश कइले बाड़ें।
उनका संगे स्थानीय नेता शिवजी गुप्ता, महिला नेतृ सुनिता देवी, आ नेपाली काँग्रेस के नेता सियाराम नेपाली समेत सैकड़ों स्थानीय लोग अलग–अलग पार्टी छोड़ के एमाले में शामिल भइलें। कार्यक्रम में नवप्रवेशी लोग के फूलमाला आ गमछा पहिरा के स्वागत कइल गइल।
कार्यक्रम में पर्सा निर्वाचन क्षेत्र नं. १ से प्रतिनिधि सभा सदस्य पद के उम्मीदवार प्रदीप यादव नवप्रवेशी लोग के स्वागत करत कहलें कि दीपक महतो आ शिवजी गुप्ता जइसन नेता लोग के प्रवेश से वीरगंज वडा नं. ७ में एमाले के स्थिति अउरी मजबूत भइल बा। उनका अनुसार, “ई प्रवेश से पार्टी के आधार अउरी सशक्त भइल बा।”
यादव आगामी चुनाव के “देश जलावे आ देश बचावे के बीच के प्रतिस्पर्धा” बतावत राष्ट्रीयता, संघीयता आ अखंडता के रक्षा खातिर एमाले के पक्ष में मतदान करे के अपील कइलें। ऊ कहलें कि देश संकट में रहे के घड़ी में केपी शर्मा ओली जइसन नेता खुल के देश आ जनता के पक्ष में आवाज उठवले रहलें। उनका मुताबिक, ओली जइसन नेतृत्व के जरुरत बा आ उहे भावी प्रधानमंत्री बनलें त बाहरी हस्तक्षेप रुक सकेला।
कार्यक्रम में यादव नेपाली काँग्रेस पर तीखा प्रहार करत ओकरा के “दास आ लास के पार्टी” कह दिहलें। ऊ आरोप लगवले कि काँग्रेस नया चेहरा के नाम पर बार–बार चुनाव लड़ चुकल व्यक्ति लोग के टिकट देके आपन चरित्र खुदे उजागर करत बा।
पर्सा क्षेत्र नं. १ से काँग्रेस उम्मीदवार के व्यवसायी पृष्ठभूमि के जिक्र करत यादव उनकर राजनीतिक योगदान आ समाज सेवा पर सवाल उठवले। ऊ कहलें, “पाँच बरिस व्यवसाय में व्यस्त रहे वाला लोग चुनाव के समय मत माँगे आवेला। जनता पूछे कि पाँच बरिस कहाँ रहलें?”
पहिले पर्सा–१ से सांसद रह चुकल आ पूर्व मंत्री रहल यादव अपना कार्यकाल में भइल विकास निर्माण आ परोपकारी काम के जिक्र करत मतदाता लोग से “काम करे वाला नेता” चुने के अपील कइलें। कार्यक्रम में भारी भीड़ आ समर्थकन के नारा–बाजी से चुनावी माहौल गरम






