मधेस के मुख्यमन्त्री आ वनमन्त्री के मौनता पर हस्तक्षेप के माँग करत कांग्रेस सभापति गगन थापा के खुल्ला चिट्ठी

मधेस के मुख्यमन्त्री आ वनमन्त्री के मौनता पर हस्तक्षेप के माँग करत कांग्रेस सभापति गगन थापा के खुल्ला चिट्ठी

जनकपुरधाम १५ बैशाख

चुरे आ वनजंगल संरक्षण अभियान, मधेस रौतहट डिभिजन वन कार्यालय में होत कथित अनियमितता पर मधेस प्रदेश के मुख्यमन्त्री आ वनमन्त्री के चुप्पी के विरोध करत नेपाली कांग्रेस के सभापति गगन थापा के खुल्ला चिट्ठी लिखले बा।

अभियान के अध्यक्ष सूनिल कुमार यादव सभापति गगन थापा के संबोधित करत सार्वजनिक कइल खुल्ला चिट्ठी में मधेस प्रदेश सरकार के भूमिका पर सवाल उठवले बाड़ें। चिट्ठी में आरोप लगावल गइल बा कि मधेस प्रदेश के मुख्यमन्त्री कृष्ण प्रसाद यादव आ वन तथा वातावरण मन्त्री शंकरप्रसाद चौधरी ई मामिला पर मौन धारण कइले बाड़ें। दुनु मंत्री नेपाली कांग्रेस से बनल होखे के कारण सभापति थापा से हस्तक्षेप के माँग कइल गइल बा।

खुल्ला चिट्ठी में कहल गइल बा कि डिएफओ साह पहिले महोत्तरी में कार्यरत रहलें, ओहिजा सरकारी वन के निजी स्वार्थ खातिर इस्तेमाल करत भ्रष्टाचार में संलग्न रहलें आ अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग के जाँचो झेल चुकल बाड़ें। ओह मामला सर्वोच्च अदालत में विचाराधीन बा। अब रौतहट में सरुवा होके अइला के बाद फेर वन क्षेत्र के दोहन आ अनियमितता बढ़ गइल बा, एहन दावा कइल गइल बा।

चिट्ठी में काठ आपूर्ति प्रक्रिया में गड़बड़ी, गोपनीय तरीका से मिल मालिकन संगे मिलेमतो कर कम दर पर काठ लिलाम क के कमिशन लिहल, सामुदायिक वन के बजेट दुरुपयोग, अवैध रूप से रुख कटान, प्रमाण मिटावे खातिर आगजनी करावल जइसन गम्भीर आरोप लगावल गइल बा।

एहिसंगे नुनथर इलाका में नियमविपरीत संरचना निर्माण से आर्थिक लाभ लिहल, सामुदायिक वन में काठ तस्करी, वन क्षेत्र में व्यापक अवैध कटानी आ सरुवा प्रक्रिया में अनियमितता के आरोपो लगावल गइल बा।

अभियान वन मन्त्रालय खुद शंका के घेरा में पड़ल बतावत तत्काल स्थलगत अनुगमन, अडिट रिपोर्ट जाँच, बैंक स्टेटमेन्ट परीक्षण आ संलग्न कर्मचारी पर कारबाही के माँग कइले बा।

अध्यक्ष यादव चेतावनी देले बाड़ें कि डिएफओ साह के तत्काल प्रदेश में बोलाके उच्चस्तरीय छानबिन करावल जाव, ना त अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग में उजुरी देहल जाई।

साथही, चुरे क्षेत्र में होत ढुंगा–गिट्टी उत्खनन आ क्रसर संचालन से बढ़त दोहन में राजनीतिक संरक्षण रहल संकेत करत सरकार के ध्यान आकर्षित करावल गइल बा। अभियान चेतावनी देले बा कि अगर तुरंत छानबिन आ कारबाही शुरू ना भइल त भ्रष्टाचार विरोधी अउरी आन्दोलन के कार्यक्रम घोषणा कइल जाई।

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