पर्सा मे विद्यालय खोलेके निर्णय विवाद मे

वीरगंज २६ कुवार
पर्सा मे देहहरा के बाद (कातिक ११ गते से) विद्यालय खोलेके निर्णय भईल बा । प्याब्सन से आयोजना कईल सरोकारवाला के बईठक से पर्सा के सभी विद्यालयसब सञ्चालन करेके निर्णय कईले बा ।
एतवार के सँझिया प्याब्सन पर्सा के अध्यक्ष डाक्टर हरिशंकरप्रसाद साह के अध्यक्षता मे बईठल बईठक से सरसफाई करके पूर्ण रुप मे विद्यालय सञ्चालन करेके निर्णय कईले बा । पर्सा मे ३ सय से बेसी सरकारी विद्यालय तथा १ सय के हाराहारी मे निजी विद्यालय सञ्चालन मे बा ।
कोरोना भाइरस के संक्रमण फईले ना देवे खातिर सरकार २०७६ चईत ११ गते से लकडाउन आह्वान कईला से विद्यालय बन्द बा ।
कैयन निजी तथा सामुदायिक विद्यालयसब अनलाइन किलास सञ्चालन कईले बाडन आ कैयनलोग उ भी करे ना सकल अवस्था बा । अनलाइन किलास मे सहभागिता जनावेवाला विद्यार्थीलोग के संख्या एकदमे कम हो रहल बा ।
बईठक मे वीरगंज महानगरपालिका, शिक्षा विकास तथा समन्वय इकाई आ जिल्ला प्रशासन कार्यालय से कउनो भी प्रतिनिधि के सहभागीता ना रहे ।
सांसद प्रदिप यादव, जिल्ला शिक्षा समिति के प्रमुख भी रहल जिल्ला समन्वय अधिकारी नेक महम्मद अन्सारी, अनेकन राजनीतिक दल के प्रमुख तथा प्रतिनिधि, अभिभावक संघ, शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष, एन प्याब्सन लगायत अनेकन सरोकारवाला संघ संस्था के पदाधिकारी तथा प्रतिनीधिलोग सहभागी रहनी ।
बईठक से विद्यालय सञ्चालन मापदण्ड तईयार कईला के साथे मापदण्ड पालना भईल ना भईल अनुगमन करे खातिर समिति भी गठन कईले बा । जिल्ला शिक्षा समिति के अध्यक्ष के नेतृत्व मे अनुगमन समिति गठन कईल प्याब्सन पर्सा जनवले बा ।
स्थानीय पालिका के विद्यालय सञ्चालन के वातावरण बनावे खातिर बेर बेर निहोरा कईला पर भी सुनुवाई ना भईला के बाद विद्यालय खोलेके निर्णय मे पुगल प्याब्सन पर्सा के अध्यक्ष डाक्टर साह बतवनी ।
‘पालिका के बेर बेर स्वास्थ्य सुरक्षा मापदण्ड पूरा करके विद्यालय सञ्चालन करेके वातावरण बनावे खातिर निहोरा कईले रहनीं,’ कहत उ, ‘माकिर सुनुवाई ना भईला के बाद सरोकारवाला के बईठक बोला के परामर्श कईला पर खोलेके पडि कहला के बाद कातिक ११ गते से खोलेके निर्णय मे पुगल बानी ।’
सुरु मे ८, ९ आ १० किलास सञ्चालन करेके आ क्रमशः आउर किलास भी औपचारिक रुप मे सञ्चालन मे लियावे के प्याब्सन के पर्सा अध्यक्ष साह बतवनी ।
कोरोना महामारी संक्रमण के जोखिम से लईकालइकी के जोगावत सिकाइ प्रणाली सुरु करे खातिर सरकार वैकल्पिक शिक्षा प्रणाली मे जोड देहल गईल बा ।
ओकरा खातिर वैकल्पिक प्रणाली से विद्यार्थी के सिकाइ सहजीकरण निर्देशिका २०७७ जारी कईले बा । विद्यार्थी के वर्गीकरण करके वैकल्पिक माध्यम से शिक्षा देवेके कहले बा ।
विद्यालय आ पालिका के समन्वय मे उपयुक्त वैकल्पिक विधि से विद्यालय सञ्चालन करे सकेके व्यवस्था बा ।
विद्यालय खोलेके बारेमे हमरा जानकारी नइखे ः प्रजिअ
विद्यालय सञ्चालन के सन्दर्भ मे केन्द्र सरकार से करेवाला निर्णय हि आधिकारिक होखेके पर्सा के प्रमुख जिल्ला अधिकारी आसमान तामाङ बतवनी ।
‘के निर्णय कईले बा, हमरा औपचारिक जानकारी आईल नइखे ।
विद्यालय शिक्षा के सन्दर्भ मे विद्यालय शिक्षा सम्बन्धी आकस्मिक कार्ययोजना २०७७ आ वैकल्पिक प्रणाली से विद्यार्थी के सिकाइ सहजीकरण निर्देशिका २०७७ मुताविक हि जाएके होखी,’ कहत उ, ‘ओईसे वैकल्पिक शिक्षा देवेके समय मे प्रशासनीक सहजोग कईल जा सकता, अन्यथा औपचारिक रुप मे विद्यालय सञ्चालन करे ना मिली ।’
आपन मनमौजी विद्यालय सञ्चालन कईला पर लईकालइकी के स्वास्थ्य जोखिम मे पडे सकेके भईला से केहु भी ओईसन काम करेके ना होखी कहके उनकर कहनाम रहे ।
विद्यालय कईसे सञ्चालन कईल जा सकता कहके बारेमे महानगरपालिका लगायत के सरोकारवाला निकाय से छलफल आ समन्वय होरहल माकिर औपचारिक निर्णय ना भईल उ बतवनी ।
लईकालइकी के स्वास्थ्य के जोखिम मे राखके स्कूल ना खोलेके चाहिं ः सरावगी
सरोकारवाला कातिक ११ गते से विद्यालय खोलेके निर्णय कईला पर भी वीरगंज महानगरपालिका के मेयर विजयकुमार सरावगी केन्द्र सरकार औपचारिक रूप मे विद्यालय सञ्चालन करेके ना कहे तक लईकालइकी के स्वास्थ्य के जोखिम मे राख के विद्यालय खोलेके ना होखी कहके बतवनी ।
‘बारा मे भी समन्वय ना करके विद्यालय खोलला पर बाद मे बन्द करावेके कहल गईल, विद्यालय खोलेके पडि कहके हम भी बानी ।
माकिर सभी निकाय से समन्वय करके खोलेके पडि,’ कहत उ, ‘निजी विद्यालय से हमनी बेर बेर छलफल कईले बानी, मापदण्ड तईयार करत बानी । जिल्ला प्रशासन लगायत सरोकारवाला निकाय मे पठावल गईल बा । प्रकिया मिलाके सञ्चालन मे लियावे के पडि ।’
विद्यालय खोलेके ना मिली ः शिक्षा विकास तथा समन्वय इकाई
शिक्षा विकास तथा समन्वय इकाई पर्सा के प्रमुख फत्तबहादुर श्रेष्ठ औपचारिक शिक्षा के खातिर अभी सरकारी निर्देशन ना रहल बतवनी ।
कोरोना संक्रमण के अवस्था बिहान का होखी, केहु कहे सकेके अवस्था नइखे ।
ओहिसे अभी वैकल्पिक सिकाइ सहजीकरण मे जाएके पडि,’ कहत उ, ‘ओकरा खातिर सरकार निर्देशिका जारी कईले बा, पालिका आ विद्यालय से आपसी समन्वय मे उचित विकल्पसब के प्रयोग करेके पडि ।’
शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्रालय से दोसर निर्देशन ना आवे तक औपचारिक रुप मे विद्यालय खोले ना मिलेके उनकर तर्क बा । उलथा अनलाईन






