प्रदेश–२ के नाम के बारे मे ५ प्रस्ताव, अईसे शुरू होखी नामाकरण प्रक्रिया

जनकपुरधाम १० वैशाख

प्रदेश नम्बर २ के नामाकरण के खातिर ५ गो नाम प्रस्ताव कईल बा । प्रदेश सभा सचिवालय प्रस्ताव आह्वान कईल अन्तिम दिन बियफे तक ५ गो नाम के प्रस्ताव दर्ता भईल बा ।

दुसरका बेर सुरु कईल प्रक्रिया अन्तर्गत प्रदेश के नाम मधेश, जानकी, जनक, मिथिला–भोजपुरा आ मध्य मधेश होखेके प्रस्ताव दर्ता भईल बा ।

एकरा से पहिले २०७६ साल चईत मे प्रदेश के नाम आ राजधानी के खातिर शुरु कईल प्रक्रिया कउनो भी नाम मे दु तिहाई ना पुगला पर नामाकरण होखे सकल ना रहे । फेनु ई प्रक्रिया शुरु करे खातिर प्रदेश सभा सचिवालय बैशाख ३ से ९ गते बियफे तक के खातिर प्रस्ताव आह्वान कईले रहे ।

दुसरका बेर के प्रक्रिया मे सत्तारुढ जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) आ नेकपा माओवादी केन्द्र अलग अलग रुप मे ‘मधेश’ प्रस्ताव दर्ता करवले बाडन ।

नेपाली कांग्रेस मिथिला भोजपुरा प्रस्ताव दर्ता करइृला पर नेपाली कांग्रेस के कुछ सांसद ‘मध्य मधेश’ प्रस्ताव दर्ता करवले बाडन ।

एहितरे कांग्रेस के ओरी से शिवचन्द्र चौधरी मिथिला भोजपुरा प्रस्ताव दर्ता करईला पर उहे पार्टी के दोसर सांसद राजेश्वर प्रसाद साह मध्य मधेश प्रदेश नाम होखेके कहत प्रस्ताव दर्ता करवले बाडन । साह के ई प्रस्ताव मे सांसदलोग शंकर प्रसाद चौधरी, ओमप्रकाश शर्मा आ आशिया देवी थरुनी समर्थन कईले बाडन ।

नेकपा एमाले के ओरी से दु गो प्रस्ताव दर्ता भईल बा । एमाले सांसद प्रमोद कुमार यादव ‘जानकी’ आ दोसर सांसद शारदा देवी थापा ‘जनक’ प्रस्ताव दर्ता करवले बाडन ।

जनकपुरधाम आ वीरगंज राजधानी के खातिर प्रस्ताव

प्रदेश के स्थायी राजधानी के खातिर दु जगहा के नाम प्रस्ताव कईल बा । अधिकांश दल जनकपुरधाम के स्थायी राजधानी बनावेके कहत प्रस्ताव दर्ता करवले बाडन आ कुछ सांसद बीरगंज के राजधानी बनावेके कहत प्रस्ताव दर्ता करवले बाडन ।

सत्तारुढ दल जसपा, प्रतिपक्षी दल एमाले, कांग्रेसर माओवादी जनकपुरधाम के स्थायी राजधानी बनावे के प्रस्ताव दर्ता करवले बा ।

काँग्रेस के सांसद राजेश्वर साह आ जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) के सांसद सिंहासन साह कलवार वीरगंज के स्थायी राजधानी बनावे खातिर प्रस्ताव दर्ता करवले बाडन ।

प्रदेश मे कुल १०७ सांसद मेसे नेकपा माओवादी केन्द्र आपन चार जना सांसद के बर्खास्त कईला के बाद अब १०३ जने सांसद बाडन । ई मुताविक प्रदेश के नामाकरण आ स्थायी राजधानी के खातिर ६९ जने सांसद के जरुरत पडि । जउन कउनो भी दल सँगे नइखे । सत्तारुढ जसपा सँगे ५५, एमाले सँगे २१, नेपाली कांग्रेस सँगे १९, माओवादी केन्द्रसँगे ७ आ नेपाल संघीय समाजवादी सँगे १ जने सांसद बाडन ।

प्रदेश के नाम ‘मधेश’ राखेके कहत जसपा आ माओवादी प्रस्ताव दर्ता करईला पर भी दुनु दल के सांसद के संख्या ६२ मात्र पुगी । एमे ७ जने के आउर जरुरत पडि ।

प्रदेश सभा सचिवालय मे प्रदेश के नाम आ स्थायी राजधानी के खातिर प्रस्ताव दर्ता भईला के बाद एकरा खातिर प्रक्रिया शुरु होत बा । प्रदेश सभा के बईठक शुक के दिने (आजु) बोलावल गईल रहे । आ बईठक मे नाम आ राजधानी के बिषय मे छलफल होखेके प्रदेश सभा सचिवालय जनवले बा ।

अईसे शुरू होखी प्रक्रिया

प्रदेश के नाम राखे खातिर एक जने प्रस्तावक सांसद दु जने के समर्थनसहित प्रस्ताव पेश कईला के बाद अब कार्यव्यवस्था परामर्श समिति मे छलफल के खातिर समय निर्धारण कईल जाई । एकरा बाद प्रस्तावक सांसद सभामुख के अनुमति मे सभा मे मन्तव्यसहित प्रस्तुत करीहें ।

एगो नाम एक से बेसी दर्ता भईला पर संयुक्त प्रस्ताव के रुप मे दर्ता कईल जाई । ई बेर जसपा आ माओवादी प्रदेश के नाम ‘मधेश’ होखेके कहके अलग अलग प्रस्ताव दर्ता करवले बा । ई अब संयुक्त प्रस्ताव बनेके भईल बा । प्रस्ताव पेश भईला के बाद सभामुख छलफल के खातिर सांसदलोग के समय दिहें ।

छलफल समाप्त भईला के ७२ घण्टा भितर सदस्यलोग नियमावली बमोजिम संशोधन दर्ता करा सकत बाडन । संशोधन दर्ता पश्चात नामांकरण प्रस्ताव आ संशोधन प्रस्ताव अध्ययन करके सरोकारबालालोग से छलफल आ बतकही करके सभा मे प्रतिवेदन पेश करे खातिर एक विशेष संसदीय समिति बनावल जाई । समिति एक महिना भितर प्रदेशसभा मे पेश करेके पडि ।

समय भितर प्रतिवेदन पेश करे ना सकला पर उचित कारणसहित सभासमक्ष अनुरोध कईला मे सभा से जरुरी सभय थप करे सकेके प्रदेश सभा कार्य संचालन नियमावली मे उल्लेख बा । प्रस्ताव के पक्ष मे दु तिहाई मत अईला पर प्रस्ताव पारित होखेके मानल जाला ।

दु तिहाई मत प्राप्त ना भईला पर फेनु ई सम्बन्धी निर्णय प्रक्रिया शुरू करेके नियमावली मे जनावल गईल बा । एकरा से पहिले २०७६ साल मे शुरु भईल प्रक्रिया मे कउनो भी नाम मे दु तिहाई ना पुगला पर फेनु ई प्रक्रिया शुरू कईल बा ।

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