विद्युत् के तार भूमिगत बनावे के काम शुरु :- प्रधानमन्त्री

काठमाण्डु ५ फागुन,
काठमाण्डु उपत्यका मे विद्युतीय तार भूमिगत बनावे के महत्वाकाङ्क्षी परियोजना शुरु भईल बा । प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली आजु महाराजगञ्ज से उ परियोजना के काम आरम्भ कईले बानी ।
पहिलका चरण मे काठमाण्डु के महाराजगञ्ज आ रत्नपार्क क्षेत्र मे तार भूमिगत कईल जाई । ओकरा के क्रमशः अन्यत्र विस्तार करत लेजाएके सरकार के योजना बा । ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिँचाइ मन्त्रालय के निर्देशन मे नेपाल विद्युत् प्राधिकरण से अगाडि बढावल भूमिगत बनावे के कार्जक्रम के शिलान्याश के बाद आयोजना कईल सभा के सम्बोधन करत प्रधानमन्त्री ओली विकास के नयाँ अध्याय शुरु भईल बतवनी ।
उ विद्युत्, टेलिफोन आ इन्टरनेट के तार भूमिगत भईला के बाद शहर के सौन्दर्य बढेके उल्लेख करत कुरुपता के अन्त्य होखेके विश्वास व्यक्त कइनी । उ एकरा से आम जनता के भी सहज होखेके आ सेवा भी सरल रूप मे प्राप्त करे सकेके स्पष्ट कइनी ।
प्रधानमन्त्री कहनी कि, “ई योजना सम्पन्न भईला के बाद बाहर रहल तार हटी । अब शहर कुरुप ना होखी, बढिया शहर बनी । पोलभर लटकल तार देखेवाला दिन अन्त्य के खातिर ई काम हो रहल बा ।” विद्युत्, टेलिफुन लगायत तार भूमिगत करेके काम काठमाण्डु के महाराजगञ्ज से शुरु भईला पर भी एकरा के देश के प्रमुख शहर मे विस्तार करेके प्रधानमन्त्री के कहनाम रहे ।
सरकार विकास निर्माण के काम के प्रभावकारी रूप मे अगाडि बढावल जानकारी देत उ कुछ आदमी के दुःख लागल बतवनी । उ कहनी कि, “सरकार बहुते बढिया काम कर रहला पर भी समाचार हम बाँसुरी बजावल मात्र आवेलन । सरकार विकास आ सुशासन के काम अगाडि बढईला पर कुछ के काहे समस्या भईल बा ?” उ विकास सभी के साझा नारा आ कर्तव्य भईल स्पष्ट करत ओकरा के मजाक ना माने खातिर निहोरा कइनी । प्रधानमन्त्री देशभर हि तुइन विस्थापन के काम अगाडि बढला पर भी एकाध जगहा मे रहल तुइन देखा के सरकार के आलोचना करत आईल बतवनी ।
उ दार्चुला मे मात्र दु गो तुइन बाँकी रहल कहत ओकरा के देखाके आलोचना कईला के कउनो अर्थ ना होखेके स्पष्ट कइनी । प्रधानमन्त्री ओली वर्तमान सरकार गठन भईला के बाद दैनिक छ किलोमिटर के दर से सडक पिंच भईल आ दु बरीस के समय मे करीब तीन हजार किलोमिटर सडक पिंच भईल तथ्याङ्क पेश कइनी ।
प्रधानमन्त्री आवेवाला दु बरीस भितर देश के सभी जगहा मे विद्युत् सेवा पुगावे खातिर सरकार लागल आ उहे समय मे नेपाल विद्युत् निर्यात भी करेके जानकारी देहनी । एक सय बरीस से बेसी समय मे नेपाल के कूल विद्युत् उत्पादन ५०० मेगावाट मात्र रहला मे पिछिलका बरीस मे ५०० मेगावाट थपल आ कुछ समय भितर बहुते मात्रा मे विद्युत् उत्पादन होखेवाला अवस्था के सिर्जना कईल बतवनी ।
उ विद्युत् खपत भी बढावत लेजाएके भी उल्लेख कइनी । विद्युत् खपत के मात्रा मे बढोत्तरी होत गईल कहत प्रधानमन्त्री ओमे आउर वृद्धि होखेके विश्वास भी व्यक्त कइनी ।
प्रधानमन्त्री ओली वितल समय मे नेपाल से बौद्धिक पलायन (ब्रेन ड्रेन) हो रहला मे ओकरा के रोक के विदेश मे काम कर रहला मे स्वदेश फिर्ता करेके (ब्रेन गेन) अभियान शुरु भईल बतवनी ।





