पाँच गो बेटी मिल के बाबु के पचाठी उठवलें, मेहरारु देहली आगी

जनकपुरधाम ७ फागुन,
हिन्दू समाज मे केहु के मृत्यु भईला पर सभी काम मे मरदाना के सहभागिता होखेके मान्यता बा । दाहसंस्कार से होखेवाला हरेक क्रियाकर्म मे जनानी के सहभागिता के रोकल जाला ।
आउर तराई मधेस मे त अइसन काम मे जनानी के आउर कडाइ कईल बा । उहाँ अभी तक जनानी के घुँघट के भितर राखेके चलन पूर्णरुप मे हटल नइखे ।
निधन भईल आदमी के लास दाहसंस्कार के खातिर घाट तक लेजाए के पडला पर मरदाना से हि पचाठी उठावेके, जनानीलोग उ जगहा तक जाए ना मिलेके संस्कार रहत अईला मे धनुषा के जनानीलोग अइसन संस्कृति के चुनौती देहले बाडी । मृ
भईल आफन्त के लास के पचाठी काँध मे उठाके दाहसंस्कार के खातिर नदी के किनार तक जनानीलोग हि लेगईल बाडि ।
मंगर के दिने धनुषा के सबैला नगरपालिका वार्ड नम्बर २ निवासी रामनारायण यादव के मृत्यु भईल । नेपाली कांग्रेस के कृयाशील सदस्य भी रहल यादव के मृत्यु भईला के बाद उनकर पार्थिव शरीर के मरदाना पचाठी ना उठवलन । जनानीलोग हि उठवली । मृत्यु के ई घटना अपने मे दुःख त बा माकिर जनानी सशक्तिकरण के एगो दरिलो उदाहरण भी बनल ।
पाँच बेटी के बाबु रामनारयण के मृत्यु के बाद गाँव मे छलफल भईल । दाहसंस्कार आ क्रियाकर्म के करी ? रामनारायण के बेटा ना रहलन । कुछ आदमी नातागोता के बेटा से दाहसंस्कार करावे के बात मे जोड देहले रहलन । माकिर बेटीलोग ना मनली । उलोग खुदे हरेक कर्म मे सहभागी होखेके बतवनी । पाँच बेटी खुदे काँध मे राख के बाबु के पचाठी उठवनी ।
घाट मे माई अर्थात मृतक के मेहाररु दागबत्ती देहनी ।
रामनारायण के पाँच गो बेटी बाडि । सभी के वियाह हो चुकल बा । जेठ बेटी ४० बरीस के नेपुर यादव, माझिल बेटी ३७ बरीस के राजदेवी यादव, माझिल ३५ बरीस के प्रमिला यादव, माझिल ३२ बरीस के अनिता यादव आ छोट बेटी ३० बरीस के गोरकी यादव बाबु के पचाठी उठवली ।
घर से पाँच किलोमिटर के दूरी मे रहल कमला नदी के बगल तक उलोग हि बाबु के लास लेके पुगवलें । उहाँ पुगला के बाद मृतक रामनारायण के ६२ बरीस के मेहरारु राधिकादेवी दागबत्ति देहनी ।
रामनारायण के श्रद्वांजली देवे गईल कांग्रेस के केन्द्रीय सदस्य एवं पूर्वमन्त्री आनन्दप्रसाद ढुंगाना पहाड ओरी के जनानीलोग क्रियाकर्म मे बईठल देखले रहनी माकिर पचाठी लेके पाँच किलोमिटर तक पुगावल पहिलका बेर देखल बतवनी ।






