वीरगंज के लकडाउन खासे प्रभावकारी ना भईल

वीरगंज १८ चईत,
ई समय देश दु हप्ता लम्हर लकडाउन के समय मे बा । नागरिक सुरक्षा के खातिर सरकार से आह्वान कईल लकडाउन के नागरिक अनेकन जगहा मे बेवास्ता कईल बहुते उदाहरणसब बा । इहाँ वीरगंज मे भी ओईसने अवस्था बा ।
भारत मे कोरोना भाइरस के महामारी से मृत्यु होखेके आ संक्रमित के संख्या बढ रहला पर नेपाल के सीमावर्ती शहरसब भी ई बारेमे सचेत होखेके चाहिं । माकिर, नेपाल भारतबीच के बहुते व्यस्त नाका के रुप मे रहल वीरगंज मे एकरा उपर खासे सचेतता नइखे अपनावल गईल ।
सामान्यतया सरकार से आह्वान कईल लकडाउन मे जरुरी बाहेक आउर आदमी के बाहर निकलल मनाही कईल बा । कोरोना भाइरस (कोभिड–१९) के संक्रमण फईले ना देवे खातिर देश मे लकडाउन के आव्हान कईल बा ।
सरकार बेर बेर कोरोना भाइरस से बँचे खातिर एगो उपाय सामाजिक दुरी कायम करेके सन्देश भी देत आईल बाडन । माकिर वीरगंज के स्थानीयलोग सुरक्षाकर्मी के निर्देशन के भी अटेरी करत सडक मे भिड कर रहल बाडन । सरकार लकडाउन मे जरुरी दवाई, तरकारी, खाद्यान्न के दोकान मात्र खोले खातिर निहोरा कईले बा ।
उ सामान किने खातिर बजार निकलेके पडला पर एक जने मात्र निकले खातिर निहोरा कईले बा । माकिर आजु दिन के वीरगंज शहर के अवस्था बुझे खातिर निकलला पर ओईसन ना देखल गईल ।
आदमीसब मोटरसाइकल, साइकल आ पैदल सडक मे निकलल रहलन । वीरगंजस्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास से वीरगंज भन्सार नाका तक पुगला पर लकडाउन भईल जईसन अनुभूति ना भईल ।
अस्पताल आ मेडिकल रहला के चलते विर्ता क्षेत्र मे आदमी के चहलपहल के स्वभाविक माने सकाल पर भी दोसर जगहा भी आदमीसब के भिडभाड देखल गईल रहे ।
सुरक्षाकर्मी कुछ के रोक के फिर्ता पठईला पर भी अधिकांश अटेर करके आ सुरक्षाकर्मी के भुलिया के आवत जावत कर रहल मिलल रहे ।
जिल्ला प्रहरी कार्यालय पर्सा के प्रहरी नायव उपरीक्षक गौतम थापा नागरिक लकडाउन आपन खातिर ह कहके ना बुझला पर समस्या भईल बतवनी ।
“बेक्कार के आदमीसब बाहर निकलला पर जरुरी काम के खातिर निकलेवाला आदमी मे भी समस्या पड सकता ।” कहत उ “परिस्थित के बुझ के आदमीसब स्वतस्फूर्त रुप मे सचेत होखेके चाहिं । माकिर, माइकिङ कराके बाहर ना निकले खातिर निहोरा कईला पर भी अटेरी कर रहल बाडन ।”
यद्यपि लकडाउन आउर दिन के बराबरी मे मंगर के दिने बढिया से पालना भईल उनकर तर्क बा । “तरकारी बजार भी आउर दिन के बराबरी मे व्यवस्थित रहे, मंगर के सबेरे साढे ११ बजे तक हम स्वयं ड्युटी मे रहनी” कहके बतवनी ।






