भन्सार मे रुकल ४ हजार कन्टेनर, व्यापारी समस्या मे

वीरगंज १८ बैशाख

नेपाल–भारत दुनु ओरी लकडाउन भईला पर भी जरुरी सामान कलकत्ता लगायत के बन्दरगाह से वीरगंज स्थित सिर्सिया सुख्खा बन्दरगाह तक नियमित आरहल बा ।

रेलमार्ग से दैनिक ३ से ४ ¥याक सामान नेपाल आरहला पर भी उ सामान मालबाहक गाडी मे लोड ना भईला पर स्थान अभाव मात्र भईल नइखे, रुकला पर व्यापारीलोग समस्या मे पडल बाडन ।

अभी सुख्खा बन्दरगाह (ड्राइपोर्ट) मे ४ हजार के हाराहारी मे कन्टेनर जम्मा बा । पिछिलका दिन मे ड्राइपोर्ट मे गाडी मे लोड करावे खातिर बहुते समस्या हो रहल सिकाईत व्यापारीलोग कईले बाडन । भन्सार एजेन्ट के मुताविक ड्राइपोर्ट के सञ्चालक संस्था हिमालयन टर्मिनल रेल से आईल सामान अनलोड के मात्र प्राथमिकता मे रखले बा ।

सिर्सिया सुख्खा बन्दरगाह भन्सार कार्यालय मे जाँचपास सजिलो होरहला पर भी ड्राइपोर्ट मे गाडी लोड करे खातिर एक दिन बेसी समय लाग रहल व्यापारीलोग बतावेनी ।

भन्सार एजेन्ट अनिल पटेल टर्मिनल रेल अनलोडिङ के मात्र प्राथमिकता मे राखल बतवनी । ‘पहिले ट्रेन के काम होखी, ट्रेन के काम ना भईला के बाद मात्र ट्रक लोड होखी,’ कहत पटेल, ‘उहें भी पिछिलका दु दिन त लोड हि होखे ना सकल । ट्रक चालक बिस्कुट आ पानी पिके पालहा के ईन्तजार करेमे बाध्य बाडन ।’
गाडी लोड ना भईला पर सुख्खा बन्दरगाह बाहर गाडी के लम्हर लाइन लागल बा ।

गाडी बितल दिन लोड ना भईला पर बिहान भईला मात्र लोड हो रहल दोसर एजेन्ट विजय कुमार टिबडेवाल बतवनी । ‘कोरोना भाइरस के महामारी के समय पेन डाउन करे ना मिलल,’ कहत उ, ‘हिमालयन टर्मिनल के बदमासी के चलते समस्या भोग रहल बा ।’

गाडी लोड करे मे देरी भईला पर गाडी भाडा बेसी लागेके, समय मे कन्टेनर खाली करावे ना सकला पर ‘डिटेन्सन आ ड्यामरेज’ तिरेके आ उद्योग भी बढिया से चले ना सकेके अवस्था बा । सुख्खा बन्दरगाह मे हिमालयन टर्मिनल गाडी लोड ना करेके मात्र ना होके आउर काम मे भी दुःख देरहल एजेन्ट के सिकाईत बा ।

‘काठमाण्डु के माल कन्टेनर मे जाए ना सकि, ट्रक मे लोड करे खातिर मजदुर नइखन कहेलन, मजदुर के व्यवस्था करेम कहत बाहर के मजदुर भितर आवे ना मिली,’ कहत अग्रवाल, ‘हिमालयन टर्मिनल बन्दरगाह मे मनमौजी कर रहल बाडन । सकेभर दुःख देरहल बाडन ।’ वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ के महासचिव माधव राजपाल भी सुख्खा बन्दरगाह मे सामान लोड करे खातिर समस्या देखल गईल सिकाईत आईल बतवनी ।

‘ड्राइपोर्ट मे लोड करेवाला स्टेकर के समस्या पहिले से हि बा । पुराना मेसिन प्रयोग कईला पर जलदी जलदी बिगड रहल बा,’ कहत उ, ‘हिमालयन टर्मिनल समस्या के दिगो समाधान मे बेवास्ता कईल अनुभव हमनी से कईले बानी ।’ समस्या समाधान के खातिर सरोकारवाला निकाय के ध्यानाकर्षण करावल उ बतवनी ।

कन्टेनर निकाले मे बेसी समय लागी ः टर्मिनल
सुख्खा बन्दरगाह मे ६÷७ सय के हाराहारी मे एक दु महिना पहिले आईल पुराना कन्टेनर भी रोकल बा । नयाँ कन्टेनर अईला पर जगहा कमी के चलते पहिले राखल कन्टेनर के ब्लक करी । ओकरा उपर पुराना मेसिन भईला के चलते समय समय मे बिगडत रहेला ।

पुराना कन्टेनर डेलिभरी करे खातिर मेसिन आ जनशक्ति दुनु बेसी खर्च हो रहल हिमालयन टर्मिनल जानकारी देहले बा । चार गो लोड करेवाला मेसिन रहला मे अभी तीन गो सञ्चालन मे बा । दु दिन पहिले दु गो मात्र मेशिन सञ्चालन मे रहे ।
‘चार घण्टा मे करे सकेवाला काम मे ६ घण्टा लागल बा माकिर आईल ग्राहक के सेवा देरहल बानी ।

मेशिन मे भी समय समय मे खराबी अईला से लोडिङ मे कुछ देरी हो रहल बा,’ टर्मिनल के एक अधिकारी कहनी । हिमालयन टर्मिनल के प्रमुख कार्यकारी अधिकृत विष्णुकान्त चौधरी ड्राइपोर्ट मे कन्टेनर बेसी जम्मा भईला से सामान्य अवस्था से बेसी समय लागल स्वाभाविक भईल बतवनी ।

‘३५ दिन के लकडाउन मे ९३ ¥याक समान आइल बा । समान आईल खुशी के बात भईला पर भी माल भण्डारण मे विपरीत अवस्था देखल गईल बा । १४८६ ट्युज क्षमता ह माकिर चार हजार कन्टेनर जम्मा भईल बा,’ कहत उ, ‘एक कन्टेनर समान निकाले खातिर ७÷८ गो कन्टेनर हटावे के पडि । ओईसन कईला पर मेसिन बेर–बेर बिगड रहल बा ।’

चौधरी के मुताविक मेसिन मर्मत के खातिर नेपाल मे पार्टपुर्जा ना मिलेवाला भईला से भारत के कलकत्ता, मुम्बई, दिल्ली लगायत के जगहा से मगावे के पडि । लकडाउन के चलते उहाँ भी दोकान बन्द बा । समान लियावे मे बहुते समस्या बा ।

ब्रेक बल्क, आइरन स्टिल २० ¥याक आईल लेबर से खाली करावल चौधरी बतवनी । सभी सरोकारवाला ड्राइपोर्ट सञ्चालन के खातिर हाथेमालो करेके उनकर तर्क बा ।

राजश्व संकलन मे गिरावट
हिमालयन टर्मिनल मालबाहक गाडी लोड ना कईला पर ओकर असर राजश्व मे भी देखल गईल बा । रेलमार्ग से नियमित समान आरहला पर भी गाडी लोड करेमे देरी भईला पर भन्सार जाँचपास मे गिरावट आईल बा । सिर्सिया भन्सार कार्यालय के प्रमुख भन्सार अधिकृत उमेश श्रेष्ठ लकडाउन के बाद भन्सार जाँचपास मे कमी आईल जानकारी देहनी ।

‘लकडाउन से पहिले १२ करोड के हाराहारी मे राजश्व संकलन होत रहे, लकडाउन शुरु भईला के बाद कुछ दिन कारोबार हि ना भईल,’ कहत श्रेष्ठ, ‘पिछिलका दिन मे कम भन्सार लागेके औद्योगिक कच्चा पदार्थ के मात्र जाँच पास हो रहल बा । ३ करोड के हाराहारी मे राजश्व संकलन हो रहल बा ।’

फलामजन्य कच्चा पदार्थ प्रयोग करेवाला उद्योगसब ना चलल, सिपिङ लाइन, इन्टरमोडल लगायत के निकाय अलगे सुविधा देहला के चलते भी जाँचपास कम भईल हो सकेके उ बतवनी । उल्था अनलाईन

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