कोरोना भाइरस के असर शहर आ गाँव मे

शहरबासी लोग कोभिड–१९ से जुध रहल ई बात आम जनता सभन के मालुम हि बा ।
इ एगो तिसरा बिश्व युद्ध जईसन समस्या के सुरुवात हो चुकल बा । इ जैविक युद्ध हि ह ।
ई रोग के मानव से बनावल गइल भाइरस ह कह के अधिकाश देश सब दाबी कररहल बा । सँसार के शक्तिशाली देश सभन साबित करेमे जुट गइल बा ।
वास्तव मे अपने आप से आईल रोग एतना जलदि एक व्यक्ती से दुसरा व्यक्ती मे जाके पाट जाता । जवना बजह से आउर शंका के घेरा मे ई रोग फँस चुकल बाटे ।
जादे हि लोग चिन से नराज होते भी कवनो आधिकारी रुप से ए देश उपर आरोप नइखे लगावे सकल ।
पूरा सँसार भर मे करिब–करिब तीन लाख से जादे अपन जान गँवा चुकल बाडन ।
ई आलेख तयार करे तक के बा ।
ओहिसही नेपाल मे दु जने कोरोना भाइरस से अपन अमुल्य जीवन गँवा चुकल बाडन ।
बिश्व मे सब से जादे अमेरिका मे नब्बे हजार से जादे लोग के मृत्यु हो चुकल बा ।
जे देश सबसे जादे विकसित बा उहे देश मे कोरोना भाइरस से जादे पिडित बाडन ।
बिश्व मे हाल साल मे पिछिलका अपडेट के अनुसार सैतिस लाख से जादे पिडित बाडन ।
बहुत दुःख के बात बा अइसन रोग के अभि कवनो देश दवा पत्ता ना लगईला के बजह से आउर आम जनता सभन चिन्ता के समुद्र मे डुबकी लगा चुकल बा ।
हरेक देश के आम जनता सभन हरेक तरह के अपन फुर्ती लगा रहल बा ।
लेकिन कवनो गुन काम ना रखला के चलते आउर आगी मे घिउ राखे के अवस्था मे देश जुद्ध रहल बा ।
मानिसक रुप से हाखो चाहे भौतिक भा सामाजिक रुप से एगो अपाङ्ग के रुप मे घरमे पशु घेरा चुकल बाडन ।
सब काम थप भइला से आउर चिन्ता के बिषय ना होखेके सवाले ना पैदा हो सकता ।
नेपाल मे मात्र ना पूरा सँसार भर मे ई समस्या उत्पन होचुकल बाटे । दो
ओर से देखल जाँव त खास कर के शहर ओर के लोग सभन ई कोरोना रोग से जादे पिडित देखल गइल बाडन ।
कुछ डाक्टर के सिद्धान्त के अनुसार शहर के लोग जादे ई रोग लागरहल बा भा लाग चुकल बा ।
कोरोना से शहर के लोग सभन जादे से जादे सावधान रहे के चाहिँ ।
कोरोना भाइरस खास करके शहर से हि कुछ लपरवाही के कारण से आईल बाटे भा उत्पन भइल बाटे ।
जथाभावि जे मन लागि जाथि भि प्रयोग कइला से अइसन महामारी के रुप जाने लेवे बाला रोग के उत्पन्न भइल बाटे ।
वास्तव मे कहल जाँव शहर के आम जनता सभन के युमिनिटि पावर कमजोर भइला से शहर के आम जनता सभन मे लागे के सम्भावना जादे देखाइ दे रहल बाटे ।
कोरोना भाइरस रोग देखे के कारण सभन अनेकन रहल बा । जवन बिस्तार रुप मे उल्लेख कइल गइल बा ।
प्रथम खाना के बात कइला पर शहर के आम जनता सभन जादे से जादे जँक फुड खाईला के कारण से जवन शक्ति शरीर के चाहिँ उ ना मिलला के कारण से शारिरिक रुप से कमजोर होखेलन ।
दुसर बात फैसन – शहर मे सब से जादे फैसन के चक्कर भा सुन्दरता देखावे के खातिर कुछ जनानी सभन आपन बच्चा के दूध अपन स्तन ना पियाके बजार मे मिले वाला दस रोपया मे मिले वाला पाकेट बाला दुध पियाला के कारण से बच्चा मे जवन प्रोटिन चाहिँ उ ना भइला से बच्चा के जवन ऐमिनिटि पावर चाहिँ उ ना मिललका के कारण से कमजोर रहेला ।
खाना भि ताजा ना होके बासिया खाना, फलफुल, मास, मछरी, तरकारी, आम, चाउर इत्यादि खाईला के कारण से जवन खाना युक्त, भिटामिन युक्त, पोषण युक्त शरीर के चाहिँ जवन ना मिलाला से शरिर के पूरा सेल के काम करेमे अवशयकता देखला पर पूरा ना होखला से शरिरिक रुप से कमजोर रहेला लोग ओहि कारण से कोरोना भाइरस जादे लागे के सम्भावना देखल गइल बा ।
काहे कि ओ लोग के पास रोग से लडेवाला शक्ति कमजोर भइला से शहर के लोग जादे लागे के सम्भवना देखल जारहल कह के बिशेषज्ञ सभन बतावत आईल बाडन ।
अब कहल जाँव सब से अति आवस्यक हरेक प्राणी से लेके मानव जीवन के जइसे भि चाहिँ जवन चिज भा बस्तु ह हावा ।
हावा भी शरीर मे प्रमुख भुमिका खेलले ला ।
हमनी के शरीर के पुर्ण रुप से बिशुद्ध हावा चाहिँ जवन हवा ह अक्सिजन जवन हमनि कवनो हालत मे चाहि जवन के अनुउपस्थिती भइला पर मानव के जवन पँपिग करेवाला मुटु हवे जवन काम छोडदेहला पर मानव सभन जिवित कभि भि ना रहसकता बाडन ।
दु चार दिन खाना ना खईला पर बाँचल जा सकता लेकिन अक्सिजन के कमी से एक मिनट भी मानव सभन बाँच सकत बाडन ।
जवन हावा शहर मे ना मिलला के बजह से भि ई रोग आक्रमण कर सकता ।
काहे कि शहर मे बहुत बडका बडका भवन बिना जंगला के, घना बस्ती भईला से, बडका बडका कलकरखाना भइला से शुद्ध हावा ना भईला से शरिरिक कमजोर होखला पर कोरोना रोग जादे लागे के सम्भावना देख रहल बाडन ।
आउर कारण कथि बा कि कृतिम हावा यानी कि पँखा के हावा खाली खइला से भि उत्पन्न जादे देखाइ देरहल बाटे ।
ओहिसही सबेरे पहर जवन मर्निङ्गवाक कइल जाला प्रमुख रासता पर उ त मानी शरीर के खतिरा कहि भा मुटु के खतिरा जहर के रुपमे, दुशमन मे रुप बा काहे कि बहुत लोग बा कि अपन सान देखावे खातिर सौख से घुमेलालोग कि शरिर स्वास्थ रही लेकिन उल्टा रिएक्सन देखावेला, दुःख के घडी मे परजाला भा अभि ओ लोग के कोरोना जादे से सतारहल बाटे ।
शहर के लोग सावधान ।
बिश्व महामारी के रुप मे देखल गइल मानव बिनासकारी रोग पूरा देश के तहश नहश बनाके राख चुकल आम जनता से लेके बिद्धान सभन भा पूरा सँसार के लोग के सामने सर्वबिधिते बा ।
ई रोग आदमी के दिल बहला चुकल बाटे, ई रोग के कारण से हरेक चिज थप हो चुकल बा, किसानि कुटानि, लईकालइकी के पढाइ, कलकारखाना, आर्थिक मन्दी हो चुकल बाटे ।
कारोना भाइरस कोभिड–१९ जुद्ध रहल बा ।
ओकरा कारण से गरिब राष्ट्र सबभन के हालत बेहालत हो चुकल बा । गरिब जनता सभन के डाढ सेंक चुकल बाटे ।
जादे से जादे शहर के लोग सभन के पिर मारका, दुःख के चपेटामे परचुकल बाटे साथे देश मे विभिन्न किसिम के हत्या हिँसा, आत्महत्या, लुटपाट बढला से आउर जनता मे त्रास, मानसिक रोग लागे के सम्भावना देखाई देरहल बा ।





