कर्मचारी सरुवा करके संघीय सरकार समस्या खडा कईलख : मुख्यमन्त्री राउत

जनकपुरधाम १६ भादो
प्रदेश २ के मुख्यमन्त्री लालबाबु राउत कोरोना महामारी से लडेके समय मे संघीय सरकार कर्मचारी सरुवा करके समस्या खडा कईल बतवले बानी ।
कोरोना नियन्त्रण करेके सन्दर्भ मे धनुषा आ महोत्तरी के सरोकारबाला सँगे सुझाव लेवे खातिर मंगर के दिने बर्दिवास मे आयोजना कईल छलफल मे मुख्यमन्त्री राउत महामारी के गम्भीर समय मे सचिव आ कर्मचारी के सरुवा कईल दुर्भाग्य भईल बतवनी ।
प्रदेश मे कोरोना महामारी नियन्त्रण मे काम करेवाला मुख्य निकाय सामाजिक विकास मन्त्रालय के दु जने सचिव के ई महामारी के बीच मे सरुवा कईल मुख्यमन्त्री राउत बतवनी ।
‘लकडाउन लगावल समय मे रहल सचिव रामप्रसाद घिमिरे एकदमे खटत रहलन । उनकर अचानक सरुवा कईल । ओकरा बाद आईल दोसर सचिव के भी सरुवा कईलख’ उ कहनी ।
कउनो सचिव के काम कईल सुरु कईल समय मे सरुवा कईल दुर्भाग्य भईल मुख्यमन्त्री राउत बतवनी ।
‘महामारी के समय मे समन्वय आ सहकार्य के बहुते जरुरत बा’ कहत उ, ‘माकिर समस्या फेस करेके समय मे बेर बेर कर्मचारी के हि सरुवा कईल दुःखद ह ।’
उ प्रदेश के अस्पताल मे चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी के कमी के बारेमे संघीय सरकार के बेर–बेर ध्यानाकर्षण करईला पर भी चासो ना देहल बतवनी ।
‘कोरोना नियन्त्रण तथा रोकथाम समिति के संयोजक एवं उपप्रधानमन्त्री ईश्वर पोखरेल, स्वास्थ्य मन्त्री भानुभक्त ढकाल के बेर बेर कहले बानी माकिर उलोग कउनो चासो नइखी देहले’ मुख्यमन्त्री राउत कहनी कि, ‘काठमाण्डु पुगके हि प्रदेश के अस्पताल के अनुगमन करे खातिर भी निहोरा कइनी । माकिर स्वास्थ्यमन्त्री प्रधानमन्त्री से पुछेके पडि कहनी । अईसन अवस्था मे भी पुछेके पडि ?’
मुख्यमन्त्री राउत निजी अस्पताल तथा मेडिकल कलेज उपर भी आक्रोश व्यक्त कइनी ।
उ प्रदेश मे रहल निजी मेडिकल कलेज आ अस्पताल कोरोना रोकथाम आ नियन्त्रण मे कउनो किसिम के समन्वय आ सहकार्य करेके ना चाहल बतवनी ।
वीरगंज के नेशनल मेडिकल कलेज आ जनकपुरधाम के जानकी मेडिकल कलेज के नामे लेके मुख्यमन्त्री राउत कहनी कि, ‘सहकार्य आ समन्वय के खातिर हमनी पहल कर रहला पर भी उलोग का कर सकत बाडन कहके मानसिकता से गुजररहल बाडन ।’
मुख्यमन्त्री राउत निजी अस्पताल आ मेडिकल कलेज के मालिकलोग देश के कानुन से बाहर बाडन ? कहत सवाल कइनी ।
‘का उलोग कानुन से खेलाँची कर सकत बाडन ?’ राउत सवाल कइनी ।
उ निजी अस्पताल के संघीय सरकार महामारी मे उपयोग करे ना सकल बतवनी ।
‘हमनी के अधिकार भितर के भईल आ कानुन स्पष्ट भईला पर अईसन मेडिकल कलेज के खारेजी हि करती’ कहत उ, ‘काहेकि मानव के जीवन रक्षा के सवाल बा ।’






