स्कूल मे पढे आवे खातिर गारजियन के मंजुरी अनिवार्य

वीरगंज १७ कातिक
वीरगंज मे कोरोना महामारी के चलते सात महिना से बन्द रहल विद्यालयसब सञ्चालन मे आवे लागल बा । महानगर के सामुदायिक विद्यालय भी सोमार से खुलल बा ।
किलास ८ से उपरला किलास के विद्यार्थी के भौतिक रुप मे विद्यालय मे बोलाके पठनपाठन सुरु कईल बा ।
एकरा से पहिले प्याब्सन से आयोजना कईल बईठक मे कातिक ११ गते से हि विद्यालय खोलेके कहला पर भी ओईसन होखे ना सकल । निजी तथा आवासीय विद्यालय भी कातिक १६ गते से मात्र सञ्चालन मे आईल बा ।
माकिर सामुदायिक तथा निजी विद्यालयसब विद्यार्थी के भौतिक रुप मे विद्यालय पठावे खातिर गारजियन के मंजुरी अनिवार्य कईले बाडन ।
ओकरा खातिर विद्यालय गारजियन से लिखित सहमति लेरहल बाडन । विद्यार्थी के कारणबस कोरोना संक्रमण भइला पर विद्यालय दोषी ना होखेके कहके मंजुरी लेरहल बा ।
नेपाल सरकार से तोकल स्वास्थ्य सुरक्षा के मापदण्ड पालना करके विद्यालय सञ्चालन कईला पर कथम कदाचित संक्रमण भइला पर गारजियन से टेंट खोजेके अवस्था ना आवो कहके लिखित सहमित लेरहल विद्यालयसब जनवले बाडन ।
माकिर सरकार कोरोना महामारी संक्रमण के जोखिम से लईकालइकी के जोगावत सिकाइ प्रणाली सञ्चालन करे खातिर वैकल्पिक शिक्षा प्रणाली मे जोड देहले बा । ओकरा खातिर वैकल्पिक प्रणाली से विद्यार्थी के सिकाइ सहजीकरण निर्देशिका २०७७ जारी कईले बा ।
सभी किसिम के प्रविधि के पहुँच से बाहर भईल विद्यार्थी, एमएम रेडियो मे पहुँच भईल विद्यार्थी, टेलिभिजन मे पहुँच भईल विद्यार्थी, कम्युटर भईल माकिर अनलाईन कनेक्टिभिटि ना भईल विद्यार्थी, इन्टरनेट तथा सूचना प्रविधि के साधन मे पहुँच भईल विद्यार्थी करके पाँच गो समूह मे वर्गीकरण करके वैकल्पिक माध्यम से शिक्षा देवेके कहल बा ।
अवस्था विश्लेषण करके विद्यालय आपन क्षेत्र भितर के सभी लईकालइकी के सिकाइ सहजीकरण करेके कार्य योजना तईयार करके पालिका से समन्वय मे उपयुक्त वैकल्पिक विधि से विद्यालय सञ्चालन करे सकेके व्यवस्था बा ।
माकिर महानगरपालिका मे नयाँ विकल्प अपनावल गईल बा । गारजियन के लिखित मंजुरी लेके विद्यार्थीलोग के विद्यालय मे बोलाके अध्यापन करावल सुरु कईल बा । कोभिड १९ संक्रमण से बाँचे खातिर अपनावेवाला स्वास्थ्य सुरक्षा सतर्कता के पूर्ण पालना सहित विद्यालय सञ्चालन कईल दाबी उलोग कईले बाडन ।
विद्यार्थी के मास्क अनिवार्य कईल आ भौतिक दूरी पालना करावल उलोग दाबी कईले बाडन । विद्यालय सेनिटाइजर आ हाथ धोवेवाला जगहा के व्यवस्थापन मिलावेके पडि ।
नेपाल शिक्षक महासंघ के केन्द्रीय सदस्य छोटेलाल प्रसाद पहिलका दिन होके विद्यार्थी कमे मात्र विद्यालय मे आईल जानकारी देहनी ।
‘जरुरी तईयारी कईल कुछ विद्यालय मात्र सोमार के दिने सञ्चालन भईल, कम संख्या मे विद्यार्थी सहभागी रहलन ।’ उ कहनी । अभिभावक के लिखित मंजुरी अनिवार्य कईल जरुरी देखल गईला से शिक्षक महासंघ लगायत शिक्षक संघ संगठन हि सल्लाह देहल उनकर कहनाम बा ।
‘जोखिम के राज्य जिम्मा ना लेहल अवस्था बा, स्थानीय सरकार भी जिम्मा नईखे लेत त विद्यालय कईसे जिम्मा ले सकता ?’ कहत उ ‘ओहिसे गारजियन के लिखित सहमति अनिवार्य कईल गईल बा ।’
कातिक १३ गते छिटपुट रुप मे खुलल निजी विद्यालय एतवार से बहुते संख्या मे खुलल बा ।
८ किलास से उपर के किलास सञ्चालन कईल निजी विद्यालयसब अवस्था अनुकुल बनत गईल अवस्था मे निचलका किलाससब भी विद्यार्थी के भौतिक उपस्थिति मे सञ्चालन करेके तइयारी कर रहल बाडन ।
उलोग विद्यार्थी मे संक्रमण देखल गईल अवस्था मे विद्यालय जिम्मेवार ना होखेके कहके लिखित सहमति कईले बाडन ।
निजी तथा आवासीय विद्यालयसब के संगठन प्याब्सन पर्सा के कोषाध्यक्ष सरोज चौधरी स्वास्थ्य सुरक्षा सतर्कता अपनईला पर भी विद्यार्थी मे कोरोना संक्रमण भईला पर ओकर जिम्मेवारी विद्यालय लेवे ना सकेके भईला से गारजियन से लिखित मंजुरी लेवेके पडल बतवनी ।
एतवार के दिने महानगरपालिका विद्यालय के प्रधानाध्यापक आ विद्यालय व्यवस्थापन समिति से छलफल भी कईले रहे । उहे छलफल के आधार मे गारजियन से लिखित मंजुरी लेके, स्वास्थ्य सुरक्षा मापदण्ड पालना करेवाला किसिम से भौतिक रुप मे विद्यालय खोले खातिर महानगरपालिका सहमत देखल गईल बा ।
वीरगंज महानगरपालिका शिक्षा महाशाखा प्रमुख अरविन्द लाल कर्ण गारजियन के सहमति मे विद्यार्थी के भौतिक रुप मे विद्यालय बोलाके अध्यापन करावेवाला किसिम से नयाँ मोडालिटी ‘ट्रायल’ मात्र करे खोजल बतवले बाडन ।
‘अनलाइन शिक्षा से सन्तुष्ट होखेवाला अवस्था नइखे, हमर मंजुरी मे हि भौतिक रुप मे लईकालइकी के विद्यालय पठवले बानी कहके बात मे अभिभावक सहमत होखेके पडि,’ कहत उ, ‘ओकरा बाद स्वास्थ्य सुरक्षा मापदण्ड अपनाके किलास ८ से उपर के विद्यार्थी के राख के पढावे के कहल गईल बा ।
गारजियन से विद्यालय पठावे ना सकेके कहला पर उलोग के सिकाइ सुनिश्चित होखेके पडल ।’






