पर्सा मे ८० प्रतिशत किसान धान खेती ओरी आकर्षित

वीरगंज २८ पुस

सरकार निजीस्तर के गल्ला व्यापारी से बेसी दाम मे धान खरीद करे लागला के बाद पर्सा जिल्ला के किसान धान खेती ओरी आकर्षित होत गईल बाडन ।

सरकार पिछिलका कुछ बरीस से नेपाली धान खरीद के समर्थन मूल्य तोक के खाद्य व्यवस्था तथा व्यापार कम्पनी लिमिटेड मार्फत किसान के धान खरीद करेके काम सुरु कईले बा ।

सरकार धान रोपाइँ ना होत बितल असार मे धान के समर्थन मूल्य तोकले रहे । जउना मुताविक मोटा धान के मूल्य प्रतिक्विन्टल दु हजार ७३५ आ मध्यम धान के प्रतिक्विन्टल रु दु हजार ८५५ तोकले रहे । आर्थिक बरीस २०७६÷७७ के बराबरी मे प्रतिक्विन्टल रु २०० से बेसी दाम तोकले बा ।

एकरा से पहिले मोटा धान के समर्थन मूल्य प्रतिक्विन्टल दु हजार ५३१ रोपेया ८० पईसा आ मध्यम धान के समर्थन दाम दु हजार ६७३ रोपेया प्रतिक्विन्टल तोकले रहे ।

आव २०७७÷७८ के नीति तथा कार्जक्रम मे किसान के लागत के आधार मे उत्पादन के उचित मूल्य प्राप्त करेवाला किसिम से कृषि उपज के बजारीकरण के प्रबन्ध करेके नीति मुताविक सरकार धान के समर्थन मूल्य तोकले बा ।

सरकार निजीस्तर के गल्ला व्यापारी से बेसी दाम मे धान खरीद करे लागला के बाद किसान धान खेती ओरी आउर आकर्षित होखे लागल बा ।

एने, बेमारी किरा के प्रकोप, हावाहुरी से धान के बाल मे दाना ना लागल तथा परागसेचन ना भईला पर भी पर्सा जिल्ला मे चालू आव मे रु सात करोड ४४ लाख १७ हजार मूल्य बराबर के दु हजार ७५० मेट्रिक टन से बेसी धान उत्पादन भईल कृषि ज्ञान केन्द्र रानीघाट जनवले बा ।

चालू आव २०७७÷७८ मे पर्सा जिल्ला के किसान ४७ हजार ५० हेक्टर क्षेत्रफल मे धान खेती कईला मे प्रतिहेक्टर चार दशमलव ८५ प्रतिशत उत्पादकत्व के हिसाब से दु लाख २८ हजार ५६० मेट्रिक टन धान उत्पादन कईले बा । जउन पिछिलका आव २०७६÷७७ से दु हजार ७२० मेट्रिक टन से बेसी उत्पादन भईल देखल गईल बा ।

किसान पिछिलका आव २०७६÷७७ मे ४७ हजार ५० हेक्टर क्षेत्रफल मे धान खेती कईला मे प्रतिहेक्टर चार दशमलव आठ मेट्रिक टन उत्पादकत्व के हिसाब से दु लाख २५ हजार ८४० मेट्रिक टन धान उत्पादन भईल रहे ।

मिलल तथ्याङ्क मुताविक पिछिलका बरीस के बराबरी मे ई बरीस रु सात करोड ४४ लाख १७ हजार ६०० मूल्य बराबर के दु हजार ७५० मेट्रिक टन से बेसी धान उत्पादन भईल बाली विकास अधिकृत सुरेशप्रसाद चौरसिया बतवनी ।

धान खेती करत आईल जिल्ला के ८५ प्रतिशत किसान ई बरीस पर्सा मे सोना मन्सुली, स्वर्णासव १, बास्मती, काला नमक, कतरनी, हर्दिनाथ १ आ युएस ३१२, ६६४४ जात के धान के खेती करके मगन्य आर्थिक लाभ लेवेके सफल भईल बाडन ।

नगदे तथा मुख्य बाली के रूप मे रहल धान खेती के स्थानीय निकाय प्राथमिकता मे ना राखल, समय मे मल खाद्य ना मिलल, बीया उपलब्ध ना भईल तथा कृषि प्राविधिक ना भईल जईसन कारण से ई बरीस सोंचल जईसन धान उत्पादन ना भईला पर भी बितल बरीस के बराबरी मे बेसी उत्पादन भईल बागवानी अधिकृत श्यामकिशोर प्रसाद बतवनी ।

ई बरीस १५ बिगहा क्षेत्रफल मे धानखेती कईला मे मल खाद्य ना मिलके भारतीय मल के प्रयोग से सोंचल जईसन धान उत्पादन होखे ना सकल बतावत वीरगंज महानगरपालिका–१७ अलो के किसान रामविनय यादव कहनी, “समय मे मल खाद्य ना मिलला पर भारतीय मल के प्रयोग से उत्पादन मे कमी अईला पर भी बितल बरीस से ई बरीस धान उत्पादन सन्तोषजनक भईल बा ।”

भारतीय पक्ष समय मे गण्डक नहर मे पानी ना छोडला पर सिँचाइ के कमी मे धान खेती प्रभावित भईल बा आ स्थानीय तह से कृषि प्राविधिक के अन्यत्र काम मे लगईला से धान खेती प्रभावित होत गईल किसान के जिकिर बा ।

सरकार सोना मन्सुली धान उत्पादन मे प्रतिबन्ध लगईला पर भी पर्सा जिल्ला मे ७० प्रतिशत किसान सोना मन्सुली धान हि उत्पादन करत आईल बाडन ।

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