ठाकुरराम क्याम्पस के भवन निर्माण मे देरी भईल कहत विद्यार्थीलोग आन्दोलन मे उतरलें

वीरगंज ०७ फागुन
वीरगंज स्थित ठाकुरराम बहुमुखी क्याम्पस मे बीबीए संकाय मे अध्ययनरत विद्यार्थीलोग आजु प्रदर्शन कईले बाडन । एक बरीस भितर भवन निर्माण करेके कहके क्याम्पस प्रशासन से आश्वासन देहला मे २ बरीस बितला पर भी भवन ना बनावल कहत विद्यार्थी विरोध जनवले बाडन ।
विरोध मे उतरलल विद्यार्थी “हमनी के बाचा ना, परिणाम चाहिं”, “बीबीए भवन खोई ?”, बीबीए प्रशासन हमनी के भविष्य खागईल लगायत के नारा लिखल प्लेकार्ड लेहले रहलन ।
नेपाल के तराई मे स्थापित पहिलका क्याम्पस ठाकुरराम बहुमुखी क्याम्पस विसं. २००९ साल मे स्थापना भईल बा । तराई के शैक्षिक धरोहर के रुप मे रहल ठाकुरराम दु बरीस पहिले बीबीए के किलास सुरु कईले रहे । माकिर बीबीए के अलगे भवन ना भईला से विद्यार्थी समस्या मे बाडन । उलोग आधुनिक तथा सुविधा सम्पन्न किलास कोठा मे पढेके चाहेलन । माकिर क्याम्पस उ वातावरण निर्माण करे नइखे सकल ।
चउथका सेमेस्टर मे ६४ आ दुसरका सेमेस्टर मे ६६ जने करके १ सय ३० जने विद्यार्थी बीबीए अध्ययनरत बाडन । हरेक जने भर्ना के समय मे ४८ हजार आ हरेक सेमेस्टर मे ३८ हजार के दर से रोपेया भी बुझवले बाडन । अनेकन समय मे लेहल जाएवाला परीक्षा के शुल्क अलगे लागेला ।
माकिर उलोग के बीबीएस, बीए अध्ययन करेवाला विद्यार्थीलोग से बेसी सुविधा नइखे । आउर क्याम्पस के लाइब्रेरी मे बीबीए के योगदान ना रहल कहत किताब देवेके त बाते छोडि रिडिङ रुम मे भी बईठे ना देहल विद्यार्थी के दुःख सुनवले बाडन ।
क्याम्पस प्रशासन के उदासिनता के चलते किताब होखेवाला हाथ मे विरोध के नारा राखेके अवस्था बनल बीबीए चउथका सेमेस्टर मे अध्ययनरत सचिन पटेल बतवनी । क्याम्पस प्रशासन से माग सुनुवाइ ना कईला से त्रिभुवन विश्व विद्यालय के माग तथा समस्यासब समावेश करके ज्ञापन पत्र पठावे के योजना खुदसब बनावल उ बतवनी ।
“२०७५ साल मे भर्ना भईला पर ६ महिना भितर नयाँ भवन बनाके लेजाएम कहल गईल, दु बरीस बिते लागल माकिर भवन नइखे । फरक तरिका से शिक्षा देवेके कहल गईल । शुल्क महंगा लेरहल बाडन, बीबीएस आ आउर के जईसन हि पढावल जाला,” कहत उ, “सिपटी फुहर बा । पुस्तकालय के रिडिङ रुम मे भी घुसे ना देवेलन ।
कम्युटर ल्याब भी बने नइखे सकल ।” क्याम्पस प्रशासन खुदसब चाहके मात्र ना होखेके अवस्था मे रहल जनवले बा । निमित्त क्याम्पस प्रमुख सुरेश कुशवाहा ठेक्का देहला ८ बरीस भईला पर भी भवन ना बनला से समस्या भईल बतवनी ।
“बीबीए के खातिर ना होके नयाँ भवन बनावे खातिर ८ बरीस पहिले रोपेया आईल बा । बीबीए के कहाँ व्यवस्थापन करेके कहके बात चलला पर ओमे व्यवस्थापन करेके कहल गईल रहे,” कहत उ, “अनेकन कारण से काम पुरा होखे ना सकल ।
त्रिवि से अनुगमन आ प्राविधिक पठा के जाँच कईल बा ।” भवन के बारे मे अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग मे भी उजुरी पडल उ बतवनी ।




