संसद विघटन करेके निर्णय बदर, १३ दिन भितर बईठक बोलावे खातिर परमादेश

काठमाण्डु ११ फागुन
सर्वोच्च अदालत प्रतिनिधिभा (संसद) विघटन करेके पुस ५ के निर्णय बदर कईले बा । आ पुनःस्थापित संसद के बईठक १३ दिन भितर बोलावे खातिर परमादेश जारी कईले बा ।
प्रधानन्यायाधीश चोलेन्द्रशम्शेर जबरा, न्यायाधीशलोग विश्वम्भरप्रसाद श्रेष्ठ, अनिलकुमार सिन्हा, सपना प्रधान मल्ल आ तेजबहादुर केसी के संवैधानिक इजलास से संसद विघटन असंवैधानिक भईल फैसला सुनवले बा ।
“प्रतिनिधिसभा के विघटन के खातिर नेपाल के संविधान से निर्दिष्ट कईल निश्चित पूर्वावस्थासब के कमी मे तथा संविधान के आधारभूत मर्म, मूल्य आ मान्यता प्रतिकुल सम्माननीय प्रधानमन्त्री से संविधान के धारा ७६ के उपधारा (१) आ (७) धारा ८५ तथा संसदीय प्रणाली के आधारभूत मर्म एवं मूल्य मान्यता तथा हमनी के आपन आ संसदीय प्रणाली भईल अनेकन देशसब के अभ्यास बमोजिम कहके संघीय संसद के वर्तमान प्रतिनिधिसभा विघटन के खातिर सम्माननीय राष्ट्रपतिसमक्ष कईल मिति २०७७÷९÷५ के सिफारिस तथा उ बमोजिम सम्माननीय राष्ट्रपति से उहे मिति मे भईल प्रतिनिधिसभा विघटन के निर्णय, विज्ञप्ति समेत के तत्सम्बन्धी सम्पूर्ण कामकारबाहीसब असंवैधानिक भईला से प्रारम्भ से हि कानुनी प्रभाव शून्य रहेवाला किसिम से उत्प्रेषण के आदेश से बदर होखेके ठहरी” आदेश मे कहल बा ।
संसद पुनर्स्थापना करे खातिर सर्वोच्च से टेकल आधारसब ः
एक ः नेपाल के शासन प्रणाली संसदीय मात्र ना, मौलिक ह
दु ः बहुमत प्राप्त दल के नेता से सरकार चलावेके पडि
तीन ः बाध्यात्मकरुप मे मात्र हो सकता संसद विघटन
चार ः प्रधानमन्त्री के विशेषाधिकार नईखे
इहे चार आधार मे टेक के सर्वोच्च पुस ५ मे भईल संसद विघटन के निर्णय आ तत्सम्बन्धी सभी कामकारबाहीसब असंवैधानिक भईला से प्रारम्भ से हि कानूनी प्रभाव शुन्य रहेवाला किसिम से उत्प्रेषण के आदेश से बदर कईले बा । एकरा सँगे मध्यावधि चुनाव भी स्वतः खारेज भईल बा ।
ई आदेश के परिणामस्वरुप संघीय संसद के प्रतिनिधिसभा उ असंवैधानिक विघटन से पहिले के स्थिति मे पुनर्स्थापित होके यथास्थिति मे काम करे खातिर सक्षम आ समर्थ रहल भी फैसला मे उल्लेख बा ।
अब के १३ दिन भितर मे बईठक
संसद विघटन बदर घोषित कईल सर्वोच्च १३ दिन भितर प्रतिनिधिसभा के बईठक बोलावे खातिर परमादेश भी देहले बा ।
प्रतिनिधिसभा के अधिवेशन १८ असार मे अन्त्य भईल आ संविधान मुताविक ६ महिना भितर दोसर अधिवेशन आहवान होखेके भईला से अब १३ दिन भितर अधिवेशन बोलावे खातिर राष्ट्रपति, प्रधानमन्त्री आ सभामुख के नाम मे परमादेश भी जारी कईले बा ।
प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली के सिफारिस मे राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी बितल पुस ५ गते संसद विघटन करके वैशाख १७ आ २७ गते निर्वाचन घोषणा कईले रहनी । उ विरुद्ध १३ गो रिट सर्वोच्च मे दर्ता भईल रहे ।






