स्रोत, साधन आ जनशक्ति बिना अनलाइन सञ्चार माध्यम दर्ता होखेवाला कानुनी व्यवस्था पुनरावलोकन जरुरी : अध्यक्ष बस्नेत

काठमाण्डु ३२ सावन
प्रेस काउन्सिल नेपाल के अध्यक्ष बालकृष्ण बस्नेत भरपुर स्रोत, साधन आ जनशक्ति बिना अनलाइन सञ्चार माध्यम दर्ता होखेवाला अभी के कानुनी व्यवस्था पुनरावलोकन भईल जरुरी रहल बतवले बानी ।
उ अनलाईन दर्ता क्रम बहुते बढल, गुणात्मक पक्ष कमजोर रहल कहत एकरा से पेसागत चुनौती थपाईल भी बतवनी । नयाँ अनलाइन सञ्चार माध्यम के सम्पादक, प्रकाशकलोग के खातिर बियफे के दिने काउन्सिल मे भईल आचारसंहिता अभिमुखीकरण कार्जक्रम मे बोलत अध्यक्ष बस्नेत, ’सुरु भईल एक महिना मे अनलाइन बन्द करेके, पत्रकारलोग के तलब ना मिलेके आ सञ्चालक भागेके अवस्था भी बा ।
ओईसन बा त काहे जलदी मे दर्ता करेके परल ? सजिलो से दर्ता करे सकेवाला विद्यमान कानुनी व्यवस्था के चलते ई अवस्था आईल बा कि ? अब ओकर भी पुनरावलोकन होखल जरुरी बा ।’
अभिमुखीकरण कार्जक्रम मे विषयगत विज्ञ के रूप मे गोरखापत्र दैनिक के प्रमुख समाचारदाता केदार भट्टराई आचारसंहिता आ पत्रकारिता के मुल्य मान्यता के विषय मे सहजीकरण कईले रहनी । ’आचारसंहिता से करेवाला आ ना करेवाला काम प्रष्ट से तोकल बा । माकिर, अनलाइनसब मे ओकर पालना भईल नईखे लउकत । ओहिसे सम्पादक, संवाददातालोग एकरा ओरी ध्यान देहल जरुरी बा । काउन्सिल के अनुगमन एकरा ओरी बेसी केन्द्रित होखेके पडल’, वरिष्ठ पत्रकार भट्टराई कहनी ।
कार्जक्रम मे काउन्सिल के बोर्ड सदस्य दिपक पाण्डे अनेकन सञ्चार निर्देशिका के व्यवस्था आ अनलाइन से पालना करेवाला व्यवस्था बारे मे प्रष्ट कईले रहनी ।
अनेकन विधा के ५३ गो नयाँ अनलाइन के सम्पादक, प्रकाशकलोग अभिमुखीकरण मे सहभागी भईल रहलन । आचारसंहिता बुझावे खातिर काउन्सिल एक बरीस से नयाँ काम के रूप मे दर्ता अगाडि अभिमुखीकरण किलास अनिवार्य लेवेके व्यवस्था कईले बा ।




