युवा जागी त देश बदली : परिवर्तन के समय अबहीं बा : श्रवण साह 

युवा जागी त देश बदली : परिवर्तन के समय अबहीं बा : श्रवण साह 

आज के समय समाज, देश आ राजनीति एक नया मोड़ पर खड़ा बा। हर जगह लोग बदलाव के बात त करेला, बाकिर असली बदलाव तबे संभव बा जब नया पीढ़ी खुद आगे बढ़ के जिम्मेदारी उठाई। जवान सोच, नया ऊर्जा आ आधुनिक दृष्टिकोण आज के सबसे बड़ा ताकत बा, जे समाज के पुरान समस्या के नया तरीका से हल निकाल सकेला।

बहुत दिन से पुरान सोच आ परम्परागत राजनीति समाज के गति धीमा कइले बा। बेरोजगारी, शिक्षा के कमजोरी, स्वास्थ्य सेवा के अभाव आ भ्रष्टाचार जइसन समस्या आजुओ कायम बा। ए हालात में नया पीढ़ी चुप बैठल रहे, ई अब संभव नइखे। युवा वर्ग के चाहीं कि ऊ शिक्षा, सामाजिक सेवा, उद्यम आ राजनीति सभे क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभावो।

नया पीढ़ी तकनीक से जुड़ल बा, दुनिया के बदलत हालात समझेला आ समाज में समानता, पारदर्शिता आ न्याय के बात करेला। अगर ई पीढ़ी आगे आई त समाज में सकारात्मक सोच बढ़ी, निर्णय प्रक्रिया तेज होई आ विकास के नया रास्ता खुली। खास करके गाँव–समाज में युवा नेतृत्व उभरे से स्थानीय समस्या के समाधान जल्दी हो सकेला।

महिला युवा, विद्यार्थी, किसान के बेटा–बेटी सभे के बराबर अवसर मिलल जरूरी बा। बदलाव खाली नेता बदले से ना, बल्कि सोच बदले से आई। जब नया पीढ़ी ईमानदारी, मेहनत आ समाज सेवा के भावना लेके आगे बढ़ी, तबे सच्चा परिवर्तन संभव होई।

आज जरूरत बा कि युवा लोग डर छोड़े, जिम्मेदारी स्वीकार करे आ समाज के नेतृत्व करे। बदलाव के समय अब आ गइल बा — नया पीढ़ी अगर जागी, त देश के भविष्य उज्ज्वल होई, समाज मजबूत होई आ विकास के रफ्तार तेज हो जाई।

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