‘न्यायालय से देवेवाला सेवा सर्वसाधारण के मान्य होखेके पडल’ :- प्रधानन्यायाधिश जबरा

बलेवा, १७ फागुन,

प्रधानन्यायाधिश चोलेन्द्र शमशेर जबरा न्यायालय के सुधार के खातिर बनल पञ्चवर्षीय रणनीतिक योजना कार्यान्वयन के चरण मे प्रवेश कईल बतवले बानी । खुद प्रधानन्यायाधिश होखे से पहिले संसदीय सुनुवाइ के समय मे कईल प्रतिबद्धता पूरा करेके समय मे न्यायालय मे सुधार के खातिर बनावे के कहल रणनीतिक योजना तइयार करके कार्यान्वयन करे लागल उ जानकारी करवनी ।

जिल्ला अदालत बागलुङ के नवनिर्मित भवन के आजु उद्घाटन करत उ सभी नेपाली के न्याय मे पहुँच विस्तार के खातिर खुद से योजना बना रहल बतवनी । न्यायालय मे सुशासन कायम करे खातिर कउनो कसर बाँकी राखेके ना होखी कहत उ न्यायालय से देवेवाला सेवा सर्वसाधारण के मान्य होखेके बात मे जोड देहनी ।

पिछिलका समय सर्वोच्च अदालत हप्ता मे दु बेर अतिरिक्त इजलाश सञ्चालन करके न्याय सम्पादन के आउर प्रभावकारी आ द्रूत बनावल उनकर कहनाम रहे । न्यायालय से समय मे निर्णय देवे ना सकला के चलते केहु भी दुःख मिले ना होखेके कहत उ सकेभर द्रुत न्याय सम्पादन के खातिर सर्वोच्च अदालत तइयार रहल बतवनी ।

“हमनी श्रव्यदृष्य माध्यम से न्याय सम्पादन के आउर पारदर्शी बनावत आईल बानी”, कहत उ, “देशभर के न्यायालय प्रविधि मैत्री बनी, उहे मुताविक फैसला सभी के सर्वमान्य होखेलन ।” पुराना मिसिल के इलेक्ट्रोनिक माध्यम मे सङ्ग्रहित कईला पर खोजी करेके आ भण्डारण करेमे सहज होखेवाला भईला से मिसिल के तस्विर बनाके विद्युतीय माध्यम मे सङ्ग्रहित करेके काम हो रहल उ बतवनी ।

“आवेवाला सावन १ गते से देशभर के २५ जिल्ला अदालत मे ई काम सुरु होखी”, कहत उ, “न्यायिक सुशासन कायम करे खातिर ई महत्वपूर्ण होखी ।” न्याय, सुशासन के खातिर सर्वोच्च अदालत से अनुगमन आ नियमन के काम के प्राथमिकता के साथ अगाडि बढावल भी उ बतवनी ।

रु सात करोड ५५ लाख ५६ हजार लागत मे निर्माण कईल भवन के तत्कालिन प्रधानन्यायाधिश कल्याण श्रेष्ठ शिलान्याश कईले रहनी । चार रोपनी तीन आना जमिन मे बनल तीनतले भवन मे २७ कोठरी बा । विसं २०७१ मे सुरु होके २०७४ मे पुरा होखे के कहल भवन दु बेर म्याद थप करके २०७६ मे निर्माण पुरा भईल रहे ।

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