आउर पाँच दिन भारी वर्षात के सम्भावना

काठमाण्डु, ५ सावन
न्यूनचापीय रेखा नेपाली आकाश उपर आके रहला से देशभर आउर पाँच दिन तक भारी वर्षात होखेके जनावल गईल बा ।
उ रेखा ना हटे तक वर्षात जारी रहेके जल तथा मौसम विज्ञान विभाग जनवले बा ।
विभाग के महानिर्देशक सरजुकुमार बैद्य देश के मौसमी अवस्था के बारे मे आजु ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिँचाइमन्त्री वर्षमान पुन के जानकारी करवले रहनी ।
उ समय मे महानिर्देशक बैद्य इहे सावन ९ गते के बाद मात्र क्रमशः पानी परेके क्रम कम होके जाजएके जानकारी देहले रहनी ।
उनका मुताविक प्रदेश–१, प्रदेश–२, बागमती, गण्डकी, प्रदेश–५ आ सुदूरपश्चिम प्रदेश मे घना वर्षात हो रहल बा ।
पिछिलका २४ घण्टा मे देश के अधिकांश जगहा मे १०० मिलिलिटर भा ओकरा से बेसी पानी पर रहल बा ।
ई मात्रा आउर बढके २०० मिलिलिटर पानी पडेके सम्भावना बा ।
न्यूनचापी रेखा पश्चिम से पूर्व ओरी गईला से कुछ दिन पूर्वी पहाडी क्षेत्र मे अत्यधिक वर्षात के सम्भावना रहल बैद्य बतवनी ।
महानिर्देशक बैद्य के मुताविक पिछिलका २४ घण्टा मे बारा के कोल्हबी मे सब से बेसी १६९ मिलिमिटर पानी पडल बा ।
एहितरे नवलपुर के डण्डा मे १५०.६, तनहुँ के श्याम्घा मे १४८.८ तथा गोरखा मे १४०.२ मिलिमिटर पानी पडल बा ।
ई परिमाण मे आउर वृद्धि होखेके बैद्य बतवनी ।
“ई पिछिलका २४ घण्टा के विवरण ह”, बैद्य कहनी कि, “ई आउर बढी आ बहुते जगहा मे २०० मिलिमिटर तक पानी पडि ।”
नारायणी मे खतरा के तह पार कईलख
चितवन के देवघाटस्थित नारायणी नदी मे पानी के सहत से खतरा के तह पार कईले बा ।
उ जगहा मे जलसतह आठ मिटर पार कईला के बाद खतरा के तह पार होखेमे ९ मिटर उपर आईल बा ।
वर्षात ना रुकला से जल सतह आउर बढेके अनुमान कईल बा ।
उ जगहा मे जलसतह से ११ मिटर पार कईला के बाद सतर्कता के तहपार होखेमे जलसतह से ११.९८ मिटर पार कईल बैद्य बतवनी ।
विभाग खतरा के तह पार कईल जगहा के निचलका तटीय क्षेत्र के बासिन्दा के उ जगहा छोड के सुरक्षित जगहा मे जाएके तथा सतर्कता के तहपार कईल जगहा मे निचलका तटीय क्षेत्र के बासिन्दा के उच्च सतर्कता अपनावे खातिर निहोरा कईले बा ।
पूर्वी नपलपरासी आ चितवन के निचलका तटीय क्षेत्र मे बाढ के उच्च जोखिम रहला से सतर्क रहे खातिर भी बैद्य जानकारी देहनी ।
एहितरे कोशी मे सतर्कता के तहपार कईला से मंगर तक खतरा के तहपार करे सकेके अनुमान कईले बा ।
एहितरे कमला, कन्काई, बागमती आ उ नदी के सहायक नदी मे बाढ से खतरा के तहपार करे सकेके अनुमान विभाग कईले बा ।
ई बरीस आवेवाला कातिक तक वर्षात होखेके सम्भावना रहल बा ।
सामान्यतया मनसुन असार मे शुरु होके कुवार मे ओराएवाला भईला पर भी ई बरीस करिब एक महिना बाद तक पानी परेके देखल गईल बा ।
चार महिना मेसे असाढ के मध्य से भादो मध्य तक बहुते वर्षात होखेला ।
माकिर ई बेर मौसम सक्रिय भईला से हि वर्षात के दर उच्च रहल बा ।
मनसुन होखेवाला चार महिना मेसे असाढ के आधाआधी से भादो आधाआधी तक पानी बेसी पडेके समय ह ।
ई बेर मनसुन के शुरु से हि बहुते पानी पर रहल बा ई क्रम आवेवाला कातिक तक जारी रही ।
एक बरीस मे पडेवाला पानी के ८० प्रतिशत पानी मनसुन के चार महिना मे पडेके उ जानकारी देहनी ।
हरेक मनसुन मे बाढ पहिरो के चलते होखेवाला नोक्सानी घटीबढी होखेके कहत बैद्य ई बेर हिउँद मे आ प्रि–मौसम मे भी बेसी पानी पडला के चलते जमिन बहुते गलला से बाढ पहिरो के प्रकोप उच्च भईल बतवनी ।






