वियाह पञ्चमी मे भारत से ना आईल बराती

जनकपुरधाम २ पुस
कोरोना भाइरस के चलते भारत से जनकपुरधाम मे बराती ना अईला के बाद ई बेर आन्तरिक तबर से वियाह पञ्चमी के प्रक्रिया पूरा करत बा । जउन मुताविक बियफे के दिने तिलकोत्सव समारोह कईल बा ।
तिलकोत्सव मे भारत के अयोध्या से आवेवाला बराती आ जनकपुरधाम के महन्थसहित पूजारी आ ऋषिबीच भेटघाट आ अंकमाल कईल जाला । अयोध्या के राम मन्दिर के महन्थ आ जानकी मन्दिर के महन्थबीच अंकमाल करत सम्धी मिलन करेके चलन बा ।
माकिर ई बेर अयोध्या से बराती ना अईला पर जानकी मन्दिर के महन्थ रामतपेश्वर दास आ जनकपुरधाम के राम मन्दिर के महन्थ राम गिरी अंकमाल करत सम्धी मिलान कईले बाडन । रामतपेश्वर से दुलही के आ गिरी दुलहा के प्रतिनिधित्व कईले बाडन ।
राम मन्दिर मे तिल्कोत्सव विधि करे से पहिले जानकी मन्दिर से ढोलबाजा सहित भार लेके एक टोली राम मन्दिर पुगल बा । जानकी मन्दिर से १ सय १ गो फलफूल तथा मिष्ठान सहित के भार लेके जानकी मन्दिर से राम मन्दिर पुगेके प्रचलन रहत आईल बा ।
बराती ना अईला पर भी बहुते भिड
ई बेर के वियाहपञ्चमी शनिचर के दिने पडल बा । आ सोमार से हि सप्ताहव्यापी रुप मे ई पर्व मनावल शुरु कईल बा । पहिलका दिन नगर दर्शन मे भगवान राम के नगर घुमावे के विधि पूरा कईल बा ।
दुसरका दिन फूलबारी लीला अन्तर्गत रामजानकी के भेट फूलबारी मे करावल जाई आ तिसरका दिन धनुष यज्ञ मे भगवान राम धनुष तुरल लीला देखावल जाला । चउथका दिन बियफे के तिल्कोत्सव मनावल गईल बा आ शुक के दिने मटकोर विधि तथा शनिचर के स्वयंवर तथा वैवाहिक कार्जक्रम निर्धारण कईल बा ।
एतवार के दिने रामकलेवा विधि पूरा कईला के बाद ई बेर के वियाह पञ्चमी औपचारिक रुप मे समापन होखी ।
ई बेर वियापञ्चमी मे भारत के अयोध्या से बराती ना अईला पर भी उ समारोह मे सर्वसाधारण के व्यापक भिड लागल बा । जनकपुरधाम आसपास के साथे अनेकन जिल्ला आ सीमा बन्द भईला पर भी भारतीय श्रद्धालु इहाँ आईल बाडन ।
बियफे के दिने तिल्कोत्सव विधि कईला पर श्रद्धालु के बडका भिड लागल रहे ।
तिल्कोत्सव मे सहभागी होखे खातिर जानकी मन्दिर से राम मन्दिर जाएके क्रम मे प्रदेश सांसद, जनकपुरधाम उपमहानगरपालिका के मेयर, उप मेयर, धनुषा के प्रमुख जिल्ला अधिकारी, प्रहरी प्रमुख सहित प्रशासनिक निकाय के प्रमुखलोग के भी सहभागिता जनवले रहलन ।
ई पर्व अन्तर्गत सब से बेसी भिड वियाहपञ्चमी के दिन होखेला । ई बेर भी उल्लेख्य भिड रहेके अनुमान कईल बा ।





