पर्सा आ बारा मे प्रचण्ड–माधव समूह प्रजिअ मार्फत प्रधानमन्त्री ओली के विरोध पत्र बुझवलें

वीरगंज २४ पुस
संसद विघटन के विरोध मे नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) प्रचण्ड–माधव समूह जिल्ला प्रशासन कार्यालय पर्सा मार्फत प्रधानमन्त्री के विरोध पत्र बुझवले बा ।
प्रचण्ड–माधव पक्ष के नेता तथा कार्यकर्तालोग जिल्ला प्रशासन कार्यालयसब मे पुग के प्रमुख जिल्ला अधिकारी आसमान तामाङ मार्फत प्रधानमन्त्री के विरोध पत्र पठवले बानी ।
वीरगंज के घण्टाघर मे जम्मा होके नेकपा के केन्द्रीय सदस्य तथा पर्सा जिल्ला इन्चार्ज रामचन्द्र साह लगायत के टोली जिल्ला प्रशासन कार्यालय पुगल रहे ।
जिल्ला इन्चार्ज साह, जिल्ला सचिव विजय महतो, केन्द्रिय सदस्य तथा वीरगंज महानगरपालिका कमिटि ईन्चार्ज दिनेश राई, महानगरपालिका अध्यक्ष रहबर अन्सारी विरोध पत्र मे हस्ताक्षर कईले बानी ।
विरोध पत्र मे प्रतिनीधि सभा विघटन असंवैधानिक आ अलोकतान्त्रिक कदम भईला से निर्णय फिर्ता लेके अधिवेशन बोलावे खातिर माग कईल बा ।
राष्ट्रपति के संविधान के संरक्षक कहला पर भी प्रधानमन्त्री के असंवैधानिक सिफारिस के साथ देके प्रतिनिधि सभा विघटन कईल कहत विरोध पत्र मे राष्ट्रपति के कदम उपर भी असन्तुष्टि जनावल गईल बा ।
बारा मे भी प्रचण्ड–माधव पक्ष के नेता तथा कार्यकर्तालोग जिल्ला प्रशासन कार्यालय मार्फत प्रधानमन्त्री के विरोधपत्र पठावल नेकपा केन्द्रीय सदस्य राई जानकारी देहनी ।
अनेरास्ववियू प्रचण्ड माधव समूह भी जिल्ला प्रशासन कार्यालय पर्सा मार्फत प्रधानमन्त्री के ज्ञापन पत्र बुझावल विद्यार्थी नेता प्रभाकर गुप्ता बतवनी ।
प्रभु यादव÷ बारा,
नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) जिल्ला कार्य समिति बारा संसद विघटन संविधान विपरीत भईल कदम सचियावत संसद पुनःस्थापित करे के कहत प्रधानमन्त्री के ज्ञापन पत्र बुझावले बाडन ।
नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी प्रचण्ड आ नेपाल पक्ष से जिल्ला प्रशासन कार्यालय बारा के मार्फत प्रधान मन्त्री के कार्यालय काठमाण्डु मे ज्ञापन पत्र पेठावले बाडन ।
जिल्ला अध्यक्ष क्षेत्रबहादुर श्रेष्ठ के हस्ताक्षरित ज्ञापन पत्र मे नेपाली जनता से कईल ऐतिहासिक जन आन्दोलन, जनयुद्ध आ बहुते आन्दोलन से आईल लोकतान्त्रिक गणतन्त्र उपर प्रहार कर के पुस ५ गते प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली से जनप्रतिनिधि सभा संसद विघटन कईल कदम गैरसंवैधानिक आ अलोकतान्त्रिक रहल जवानवल गईल बा ।
नेपाल के संविधान २०७२ मे प्रधानमन्त्री से संसद विघटन करे के प्रवधान कहवो केतहु कवनो धारा उपधारा मे उल्लेख ना रहल देखल गईल बा ज्ञापन पत्र मे जनावल गईल बा ।
संविधान विपरीत ससद विघटन कदम आत्माघाति आ जनमत उपर के विश्वासघात रहल कदम प्रधानमन्त्री से सँचिया के संसद पुनःस्थापना करे के माग करत नेकपा बारा ज्ञापन पत्र मार्फत जोडदार माग कईले बा ।






