भारतीय नागरिक अग्रवाल नेपाली नागरिकता लेवेमे सफल, सम्बन्धित निकाय कारवाही करे करेमे आलटाल कर रहल

वीरगंज १३ माघ

भारतीय नागरिक वीरगंज मे आके नेपाली नागरिकता लेवेमे सफल भईल घटना चर्चा मे आईल बा ।

२०६३ साल मे एक जने भारतीय नागरिक नेपाली नागरिकता लेवेमे सफल भईल बिषय स्थानिय अनेकन पत्रपत्रिकासब मे हरेक दिन आ रहला पर भी सम्बन्धित निकाय अभी तक छानबिन करके कारवाही करे नइखे सकल ।

२०४७ साल के संविधान मे भईल नागरिकता सम्बन्धी व्यवस्था के व्यापक परिवर्तन करके २०६३ साल के नेपाल के अन्तरिम संविधान लियावल गईल रहे ।

मधेस मे रहल लाखो नागरिकता विहिनलोग के सम्बोधन करेवाला किसिम से जन्म के आधार मे नागरिकता वितरण करेके बिशेष व्यवस्था कईल रहे । माकिर ओकर गलत फायदा उठावत भारतीय नागरिक धमाधम नेपाली नागरिकता लेवे लागल घटना उजागर भईल बा ।

जिल्ला प्रशासन कार्यालय पर्सा मे भारतीय नागरिक निरंजन कुमार अग्रवाल के नागरिकता के छानबिन बिषय मे उजुर पडल रहे ।

बि.सं. २०७५ साल मे वीरगंज महानगरपालिका वार्ड नम्बर २५ निवासी नरेश ठाकुर लगायत तिन जने उजुरी देहले बाडन । जिल्ला प्रशासन कार्यालय पर्सा उजुरी के आधार मे छानबिन कईला पर निरंजन अग्रवाल से बनावल नागरिकता के खातिर जरुरी कागजातसब मेसे कउनो कागजात ना मिलल प्रमुख जिल्ला अधिकारी आश्मान तमाङ बतवनी ।

उ निरंजन कुमार अग्रवाल से बनावल नागरिकता खातिर जरुी कउनो किसिम के कागजात ना रहल आ ई बिषय मे छानबिन अगाडी बढावल गईल बतवनी । उ निरंजन अग्रवाल नागरिकता प्रकरण सम्बन्धी अनुसन्धान कईल कागजातसब जिल्ला अदालत मे पठावल गईल बतवनी ।

जिल्ला प्रशासन कार्यालय पर्सा मे बि.सं २०७५ साल मे उजुर पडला पर भी अभी तक कउनो किसिम के कारवाही होखे ना सकल प्रष्ट भईल बा ।

भारत के राजस्थान स्थित रहल सरदार सहर निवासी जगदिश प्रसाद अग्रवाल के बेटा निरंजन कुमार अग्रवाल २०६३ साल मे फर्जी कागज के सहजोग मे नागरिकता लेवेमे सफल भईला पर भी बि.सं. २०५१ साल मे हि सवारी साधन चालक अनुमति पत्र लेवेमे सफल भईल रहलन ।

बि.सं. २०५१ साल मे लेहल सवारी साधन चालक अनुमति पत्र मे बि.सं. २०६३ साल मे बनावल गईल नागरिकता के नम्बर भी उल्लेख रहल कागजात से प्रष्ट भईल बा ।

बि.सं. २०५१ साल मे बनावल गईल सवारी चालक अनुमति पत्र मे बि.सं. २०६३ साल के नागरिकता नम्बर भी उल्लेख भईला पर नक्कली नागरिकता रहल प्रष्ट होखेला ।

एतना मात्र ना निरंजन अग्रवाल से बनावल नागरिकता आ सवारी अनुमति पत्र मे उल्लेख भईल जन्म मिति हि फरक रहल बा । नागरिकता मे जन्म मिति २०३६ साल आ सवारी अनुमति पत्र मे २०३२ साल रहल अदालत मे बुझावल गईल कागजातसब से प्रष्ट होखेला ।

जन्म के आधार मे लेहल नागरिकता आ सवारी चालक प्रमाणपत्र मे उल्लेख भईल जन्म मिति से नक्कली नागरिकता लेहल प्रष्ट होता ।

अभी भी नेपाल सरकार के नीति के अवहेलना करत फर्जी कागज के सहजोग मे बनावल नागरिकता उपर निष्पक्ष छानबिन करके कारवाही होखि कि ना कहके देखेके बाकि रहल बा ।

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