सरकार आ चिकित्सक बीच ६ बुँदे सहमति, आन्दोलन फिर्ता

काठमाण्डु १३ कुवार
सरकार आ आन्दोलनरत चिकित्सक बीच ६ बुँदे सहमति भईल बा । गृहमन्त्री नारायणकाजी श्रेष्ठ आ संघर्ष समितिबीच शनिचर के सँझिया भईल वार्ता मे सहमति भईल बा ।
स्वास्थ्यकर्मी तथा स्वास्थ्य संस्था के सुरक्षा सम्बन्धी ऐन, २०६६ (पहिलका संशोधन २०७९) के प्रभावकारीरूप मे कार्यान्वयन करके मणिपाल मेडिकल कलेज लगायत के स्वास्थ्य संस्था मे चिकित्सक तथा स्वास्थ्यकर्मी आ स्वास्थ्य संस्था के सुरक्षा के आउर भरपर्दो बनावेके सहमति भईल बा । ओकरा खातिर स्वास्थ्यकर्मी तथा स्वास्थ्य संस्था सुरक्षा समन्वय समिति के भी क्रियाशिल बनावेके सहमति पत्र मे उल्लेख बा ।
एहितरे चिकित्सक तथा स्वास्थ्यकर्मी आ स्वास्थ्य संस्था मे आक्रमण तथा पिटपाट करेवाला आदमी के स्वास्थ्यकर्मी तथा स्वास्थ्य संस्था के सुरक्षा सम्बन्धी ऐन, २०६६ (पहिलका संशोधन २०७९) बमोजिम कारबाही चलावेके, स्वास्थ्यकर्मी तथा स्वास्थ्य संस्था मे कार्यरत कर्मचारी के पिटपाट करेके घटना बढ रहल आ अभी के कानुनी व्यवस्था से स्वास्थ्यकर्मी तथा स्वास्थ्य संस्था मे कार्यरत कर्मचारी के मनोवल मे कमी अईला से उलोग के मनोवल बढावे खातिर पिटेवाला आदमी के तीन बरीस से बेसी के सजाय होखेके माग के सम्बन्ध मे नेपाल सरकार के ओरी से प्रतिवद्धता व्यक्त करत उ लयागत के विषय मे कानुन संशोधन करे खातिर स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मन्त्रालय एक हप्ता भितर प्रक्रिया अगाडि बढावेके सहमति भईल बा ।
एहितरे चिकित्सक, आवासीय चिकित्सक, मेडिकल अधिकृत, इन्टर्न डाक्टर तथा स्वास्थ्यकर्मीलोग के सेवा, सुविधा मे न्यूनतम सरकारी सरह एकरुपता कायम करेके लगायत तत्काल सुधार करेवाला विषय मे अध्ययन करके प्रतिवेदन पेश करे खातिर स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मन्त्रालय के अतिरिक्त सचिवज्यू के संयोजकत्व मे अर्थ मन्त्रालय, गृह मन्त्रालय, कानून न्याय तथा संसदीय मामिला मन्त्रालय, श्रम रोजगार तथा सामाजिक सुरक्षा मन्त्रालय के प्रतिनिधि, चिकित्सा शिक्षा आयोग, नेपाल मेडिकल काउन्सिल, नेपाल चिकित्सक संघ आ स्वास्थ्यकर्मी के खातिर सुरक्षित कार्यस्थल सघर्ष समिति के प्रतिनिधि रहल समिति १५ दिन भितर गठन करके जिम्मेवारी देवेके आ उ प्रतिवेदन अध्ययन करके ओमे उल्लेख भईल मूल मर्म कार्यान्वयन के खातिर स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मन्त्रालय से जरुरी कारबाही करेके सहमति पत्र मे उल्लेख बा ।
एहितरे स्वास्थ्यकर्मी उपर बारम्बार हो रहल पिटपाट आ दुव्र्यवहार के घटना के कारक तत्व पहिचान एवं निराकरण करे खातिर जरुरी परेवाला नीतिगत आ कानुनी सुधार के विषय समेट के प्रतिवेदन पेश करे खातिर दश दिन भितर उच्च स्तरीय कार्यदल गठन करके तीन महिना भितर प्रतिवेदन पेश करेवाला किसिम से जिम्मेवारी देवेके आ उ प्रतिवेदन अध्ययन करके ओमे उल्लेख भईल मूल मर्म कार्यान्वयन के खातिर स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मन्त्रालय जरुरी कारबाही करेके सहमति जुटल बा ।
सहमति भईला सँगे चिकित्सक के आन्दोलन फिर्ता भईल बा । सहमतिपत्र मे स्वास्थ तथा जनसंख्या मन्त्रालय के निमित्त सचिव डा. दिपेन्द्ररमण श्रेष्ठ आ संघर्ष समिति के संयोजक डा. शेसराज घिमिरे हस्ताक्षर कर्यले बाडन ।






