विपक्षी सँगे सत्तारुढ सांसद मँगले मुख्यमन्त्री के राजीनामा

जनकपुरधाम १ चईत,

प्रदेश २ के विपक्षी सँगे सत्तारुढ सांसद मुख्यमन्त्री लालबाबु राउत के राजीनामा मँगले बाडन ।
आजु बईठल प्रदेश सभा के बईठक मे सांसदलोग मुख्यमन्त्री राउत के राजीनामा देके समस्या समाधान के खातिर मार्ग प्रशस्त करे खातिर निहोरा कईले रहलन ।

सत्तारुढ राष्ट्रिय जनता पार्टी (राजपा) के सांसद मनिष सुमन प्रदेश सरकार उपलब्धीमूलक काम करे ना सकल कहत मुख्यमन्त्री राजीनामा देवेके बतवनी ।
प्रहरी ऐन लियईला पर भी पुलीस भर्ना करे ना सकल, बितल बरीस पुरा भईल योजनासब के अभी तक भुक्तानी देवे ना सकल, मलेठ, सचिव पिटपाट घटना के प्रतिवेदन अभीतक सार्वजनिक करे ना सकल कहत उ सरकार के आलोचना कइनी ।

भारतीय प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के जनकपुर भ्रमण के समय भईल खर्च के विवरण भी सार्वजनिक करे ना चाहल उनकर आरोप बा ।
उ विपक्षी के भी आलोचना कइनी । सरकार से योजना लेहल आ सभी जने चुप रहला से प्रतिपक्षी भूमिका खुदसब से निर्वाह कईल सुमन बतवनी ।

प्रमुख प्रतिपक्षी नेपाल कम्युनिष्ट (नेकपा) के सांसद रामचन्द्र मण्डल भी राजीनामा मँगनी । मुख्यमन्त्री से भेट करे गईला पर मन्त्रीलोग आपन वस मे ना भईल आ प्रदेशसभा अईला पर सचिव आपन निर्देशन ना मानल सुनावल कहत, “ना मन्त्री मानेलन ना सचिव । ओइसन बा त अपने कमान्डलेस बनी ।”

अइसन आदमी सरकार के नेतृत्व करे ना सकेके कहत उ राजीनामा देवे खातिर मुख्यमन्त्री राउत के सल्लाह देहनी । “प्रदेश के बढिया बनावे खातिर राजीनामा दि” कहके बतवनी ।

उ संघीयता के असफल बनावे खातिर संघीय सरकार कर्मचारी के तालिम देके पठावल कहके मुख्यमन्त्री राउत के अभिव्यक्ति उपर भी सवाल उठवनी । सांसद मण्डल कहनी कि, “ओइसन भईला पर मुख्य सचिव आ सचिव के भी प्रदेश सभा मे रहेवाला व्यवस्था बनावल जाँव आ उलोग के जवाफ सुनेवाला व्यवस्था करीं ।”

प्रदेश सरकार संघीयता के आड मे भ्रष्टाचार, असमानता आ सांसदबीच विभेद बढावल उनकर आरोप बा । नेकपा के दोसर सांसद किशोरी साह प्रदेश सरकार के नियम पालना ना कईल माकिर कर्मचारी उपर दोष लगावल आरोप लगवनी ।

बितल बरीस पुरा भईल योजना सञ्चालन करे से पहिले १८ नम्बर के फारम ना भरल आ बहुबर्षीय योजना भी ना भईला से कर्मचारी निकासा ना देहल माकिर मख्यमन्त्री प्रदेशसभा मे आके झुट बोलल उनकर आरोप बा । उ मुख्यमन्त्री के नैतिकता के आधार मे राजीनामा देवेके बतवनी ।

माकिर राजपा के प्रमुख सचेतक परमेश्वर साह मुख्यमन्त्री से राजीनामा ना देवेके बतवनी । “हमनी के प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली के भी बहुते राजीनामा मँगले बानी, माकिर राजीनामा कहाँ देहले बाडन ?” कहत उ, “जदी राजीनामा हि चाहि त अविश्वास के प्रस्ताव दर्ता करावल जाँव । उनका बहुमत ना पुगला पर हटेम ।”

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