वीरगंज मे चौधरी के मृत्यु प्रकरण : छानबिन करे खातिर समिति बनल

वीरगंज २४ भादो

बारा के कोल्हवी नगरपालिका–४ सपही के २२ बरीस के विक्रम चौधरी के बोखार आवत रहे । गाँव के मेडिकल से लियावल बोखार के दवाई खईनी । बोखार ठीक होत रहे ।

प्रेसर भी कम देखल गईला के बाद ठण्डा रियल जुस भी पियलन । बोखार ठीक भईल महसुस भईला के बाद साथीभाइ सँगे फुटबल खेले भी जात रहलन ।

सामान्य अवस्था मे दिनचर्या बितत रहे ।
माकिर एक दिन अचानक श्वासप्रश्वास मे समस्या भईला के बाद उनका के भादो २१ गते सबेरे ईलाज के खातिर नेशनल मेडिकल कलेज लेगईल गईल ।

एक्स–रे लगायत अनेकन जाँच कईला के बाद अस्पताल कोरोना संक्रमण के आशंका कईलखन आ पीसीआर परीक्षण के खातिर नारायणी अस्पताल मे रिफर कईलख । सबेरे ११ बजे के समय मे नारायणी मे भर्ना कईल उनकर सँझिया ८ बजे के समय मृत्यु भईल । बहुते सघन कक्ष मे ईलाज के समय मे विक्रम के मृत्यु भईल अस्पताल जनवले बा ।

ईलाज मे लापरबाही भईल ः आफन्त
आइसियू मे ईलाज करा रहल उ अकेले पेसाव करे खातिर सिपटी मे गईल आ फिर्ता अईला के बाद स्थिति मे सुधार ना आईल आफन्त के कहनाम बा । कोभिड के आशंका कईला पर भी उनकर जीन एक्सपर्ट आ आरटी पीसीआर दुनु रिपोर्ट नेगेटिभ आईल रहे ।
शुरु मे न्याय ना मिले तक लास भी ना उठावे के अडान मे रहलन आफन्त । उलोग ईलाज मे लापरवाही भईल कहत जिल्ला प्रशासन कार्यालय मे निवेदन भी देहलन ।

ओकरा बाद जिल्ला प्रशासन कार्यालय से घटना के निष्पक्ष अनुसन्धान होखेके आश्वासन मिलला के बाद आफन्त विक्रम के लास बुझलें आ दाहसंस्कार कईलन ।

विक्रम के आफन्त के नारायणी मे कईल ईलाज मे चित्त बुझल नइखे । उलोग बढिया से ईलाज ना कईला के चलते विक्रम के मृत्यु भईल दाबी कईले बाडन । मरेजी के अवस्था गम्भिर भईला पर भी अस्पताल मे उहे मुताविक ईलाज ना कईला से भाई के गुमावे के पडल दाबी भईया अनिल कुमार चौधरी के बा ।

इमर्जेन्सी मे लेजाते मातर पानी भी चढवलन, अक्सिजन लगईलन, ओकरा बाद छोड देहलन,’ कहत अनिल, ‘फर्म भरीं आ आइसियू मे बेड खाली बा कि ना बुझके आईं कहलन ।

आइसियू मे बेड त खाली रहे माकिर स्यानिटाइजेसन ना कईले रहलन । उ स्यानिटाइजेसन करके लेजाए मे हि ४ बजा देहलन । बेर बेर गईला पर स्यानिटाइजेसन करेवाला आदमी समान किने गईल बाडन कहके फिर्ता करत रहलन ।’ आइसियू मे भी बढिया से ईलाज ना भईल उनकर सिकाईत बा ।

जीन एक्सपर्ट प्रविधि से एक–दु घण्टा मे कोरोना संक्रमण भईल–ना भईल पुष्टि होखेके कहला पर भी स्वाब संकलन करके लम्हर समिय तक परीक्षण ना भईल उ सुनवनी ।

चिकित्सक कहेलन ः अस्पताल लिअईला पर हि मरेजी के अवस्था गम्भीर रहे
माकिर अस्पताल ईलाज मे कउनो लापरबाही ना भईल दाबी कईले बा । कोभिड शंकास्पद केस भईला से सामान्य मरेजी के जईसन सेवा ना देहला पर भी जरुरी ईलाज कईल दाबी अस्पताल के बा । नारायणी अस्पताल के डाक्टर उदय नारायण सिंह जनानी चिकित्सक के निरन्तर निगरानी मे विक्रम के ईलाज भईल बतवनी ।

‘मरेजी के आफन्त डाक्टर हि ना अईलन कहके सुनल गईल, जनानी चिकित्सक मरेजी सँगे रहनी । ईलाज मे कउनो लापरबाही नइखे भईल,’ कहत उ, ‘इमर्जेन्सी मे आवेवाला ५ जने मेसे ३ जने मे कोरोना संक्रमण देखल जा रहल बा । जरुरी पडला पर मरेजी के लगे जाएके बात भी ना भईल ।’ डाक्टर सिंह के मुताविक मरेजी के गम्भिर अवस्था मे हि नारायणी मे लियावल रहे ।

छानबिन समिति बनल आफन्त के असन्तुष्टि के बाद नारायणी अस्पताल घटना के बारे मे छानबिन करे खातिर एक समिति बनवले बा । क्रिटिकल केयर अब्जरभेसन वार्ड के प्रमुख डाक्टर रामपुकार के संयोजकत्व मे ३ सदस्यीय समिति गठन कईल बा ।

समिति के तीन दिन भितर रिपोर्ट देवेके कहल बा । बियफे तक छानबिन समिति के रिपोर्ट आवेके आ दोषी देखल गईला पर ईलाजज मे संलग्न आदमीसब के कारबाही करेके अस्पताल के प्रमुख मेडिकल सुपरिटेन्डेन्ट डाक्टर संजय ठाकुर बतवनी ।

‘ईलाज मे लापरबाही भईल कहके जिल्ला प्रशासन कार्यालय मे उजुरी पडल बा,’ कहत उ, ‘हमनी छानबिन के खातिर तीन सदस्यीय समिति गठन कईले बानी ।

स्वास्थ्यकर्मी भा चिकित्सक दोषी ठहरला पर नियमानुसार कारबाही के खातिर सिफारिस कईल जाई ।’

एहितरे अस्पताल के लापरबाही से हि भाइ के मृत्यु भईल दाबीसहित अनिल जिल्ला प्रशासन कार्यालय पर्सा मे उजुरी कईले बाडन । उ ईलाज मे लापरवाही करेवाला उपर कारबाही के माग कईले बाडन ।

उ निवेदनउपर जरुरी कारबाही के खातिर जिल्ला प्रशासन कार्यालय स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मन्त्रालय के पत्र पठावल प्रशासकीय अधिकृत विनय श्रीवास्तव जानकारी देहनी ।

जिल्ला प्रशासन से मन्त्रालय मे पठावल पत्र मे विक्रम चौधरी के ईलाज के समय मे मृत्यु भईला से छानबिन करे खातिर निहोरा कईल बा ।

‘अस्पताल मे ईलाज के समय मे लापरबाही कईला के चलते हि विक्रम के मृत्यु भईल कहत निवेदन आईल रहे ।

जिल्ला सुरक्षा समिति के बईठक के निर्णय मुताविक स्वास्थ्य मन्त्रालय के घटना के छानबिन के खातिर निहोरा कईल बा,’ प्रशासकीय अधिकृत श्रीवास्तव बतवनी ।

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