वीरगंज ड्राईपोर्ट मे ५ बरीस से राखल ३९१ कन्टेनर के लिलामी कईल जा रहल
वीरगंज ड्राईपोर्ट मे ५ बरीस से राखल ३९१ कन्टेनर के लिलामी कईल जा रहल

वीरगंज २५ अगहन
करिब ५ बरीस से आयातकर्ता ना लेजाके बन्दरगाह परिसर मे रहल ३ सय ९१ गो मालवाहक कन्टेनर सिर्सिया सुक्खा बन्दरगाह भन्सार कार्यालय लिलामी करे लागल बा । भन्सार कार्यालय से अगहन १० गते ७ दिने सूचना प्रकाशित करके लिलामी प्रक्रिया अगाडि बढवले बा ।
७ दिन के अवधि भितर सम्बन्धित आयातकर्तालोग आपन आपन मालवस्तु के जाँचपास करके ना लेगईला पर कानुन बमोजिम कारवाही प्रक्रिया अगाडि बढावेके सूचना मे उल्लेख रहे । बन्दरगाह भन्सार कार्यालय के अधिकृत सुशीलप्रसाद शर्मा सामान्यतः भन्सार परिसर मे मालवस्तु अईला ६० दिन भितर भी आयातकर्ता आपन मालवस्तु जाँचपास करके ना लेगईला पर ओईसन सामान लिलाम करे सकेके प्रावधान रहल बतवनी ।
सूचना प्रकाशित भईला के बाद कुछ आयातकर्ता सम्पर्क मे आईल माकिर अधिकांश कन्टेनर के दाबी करे खातिर केहु भी ना आईल उ बतवनी ।
अईसन अवस्था मे भन्सार ऐन २०६४ मे रहल प्रावधान मुताविक सिलबन्दी कन्टेनरसब के रितपूर्वक खोलके ओमे रहल मालवस्तु वैध÷अवैध रहल यकिन करके लिलामी करेके योग्य वस्तु भईला पर लिलामी करेके ना त गलावे के प्रक्रिया अगाडि बढावेके उ बतवनी । आयातकर्ता से जाँचपास प्रक्रिया के खातिर घोषणा ना करके बन्दरगाह परिसर के दक्षिण पूर्वी कुना तथा मध्य भाग मे भी राखल कन्टेनरसब थोत्रो होत गईल बा । कुछ कन्टेनर मे खिया लागके कन्टेनर मे रहल केराव गिरल बा ।
स्रोत के मुताविक अधिकांश कन्टेनर मे सन् २०१८ के अन्त्य ओरी नेपाली आयातकर्तालोग ब्राजिल से आयात कईल केराव दाना आ पाकिस्तान से आयात कईल छोहडा बा । उ समय नेपाल मे माग रहल कहत बहुते परिमाण मे ई सामान आयात होखे लागला के बाद नेपाल सरकार कोटा लगाके ई सामान के आयात मे बन्देज लगवले रहे ।
सरकार से बन्देज लगावेके समय मे आयातकर्ता एलसी खोलके तिसरका देश से आयात कईल ई वस्तु समुद्री मार्ग तथा रेल मार्ग मे रहल रहे । ओकरा बाद लगातार २ बरीस कोरोना के महामारी के बाद के लकडाउन से आयातकर्ता उ सामान जाँचपास करावे ना सकलन ।
बाद मे आयातकर्ता लबिङ करके सरकार से लगावल कोटा प्रणाली हटाके आपन मालवस्तु छुटावे खातिर प्रयास कईला के बाद उ असफल भईल रहे । खाद्यवस्तु लम्हर समय उपभोग ना कईला पर सडल आ सडला के बाद आयातकर्ता जाँचपास करावेके प्रयास हि ना कईल अधिकृत शर्मा बतवनी ।






