नेपाल मे कोरोना भाइरस के प्रकोप नइखे

काठमाण्डु १८ माघ,
सरकार चीन मे मिलल नोभेल कोरोना भाइरस प्रकोप के नेपाल मे कउनो किसिम के जोखिम ना रहल स्पष्ट कईले बा ।
संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयनमन्त्री योगेशकुमार भट्टराई कोरोना भाइरस प्रकोप के नेपाल मे उच्च जोखिम ना रहल माकिर उच्च सतर्कता अपनावे खातिर सरकार सभी संयन्त्र के प्रभावकारी परिचालन कईल बतवनी ।
कोरोना भाइसर के सम्भावित प्रकोप के जोखिम नियन्त्रण के खातिर के कइसन उपाय अपनावे के कहके सन्दर्भ मे आजु सरोकारवाला निकाय सँगे के छलफल के समय मे उ नेपाल के पर्यटन क्षेत्र सुरक्षित रहल आ कोरोना भाइरस के जोखिम न्यूनीकरण के खातिर सरकार संवेदनशील रहल बतवनी ।
जोखिम नियन्त्रण के खातिर त्रिभुवन अन्तरराष्ट्रिय विमानस्थल तथा चीन सँगे के सीमानाका मे स्वास्थ्यकक्ष सञ्चालन कईल उ जानकारी देहनी ।
उ कहनी कि, “नेपाल अभी कोरोना भाइरस के उच्च जोखिम क्षेत्र ना ह, माकिर चीन सँगे सम्पर्क जुडला से सतर्कता अपनावे के पडि, ओहिसे उच्च जोखिम मे नइखे माकिर उच्च सतर्कता अपनावल गईल बा, अन्तरमन्त्रालय के समन्वय मे सभी संयन्त्र के प्रभावकारीरूप मे परिचालन कईल गईल बा ।” कोरोना भाइसर के हल्ला चलला के बाद सरकार एक हप्ता से एकरा से पडे सकेवाला असर के सम्बन्ध मे सरोकारवाला सँगे छलफल कर रहल बा ।
इहे माघ १२ गते प्रधानमन्त्री के उपस्थिति मे गृहमन्त्री, परराष्ट्रमन्त्री, स्वास्थ्य तथा जनसङ्ख्यामन्त्री, संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयनमन्त्री आ तत्सम्बन्धित मन्त्रालय के सचिव, विभाग आ महाशाखा के प्रमुख के बईठक से चीन मे फईलल नोभेल कोरोना भाइरस आ ओकरा से नेपाल मे परे सकेवाला असर के सम्बन्ध मे छलफल कईले रहे ।
अभी स्वास्थ्यमन्त्री के अध्यक्षता मे अन्तरमन्त्रालय के प्रतिनिधि रहेवाला उच्चस्तरीय समिति आ स्वास्थ्य सचिव के अध्यक्ष मे उपसमिति गठन कईल मन्त्रालय जनवले बा ।
पर्यटन सँगे प्रत्यक्ष सम्बन्ध राखेवाला जिम्मेवार पर्यटनमन्त्री भट्टराई भी आपन सक्रियता बढवले बानी । पर्यटन क्षेत्र मे कोरोना भाइरस के नकारात्मक प्रभाव ना पडो आ सही सूचना सम्प्रेषण होखो कहके सरकार एवं सरोकारवाला व्यवसायी के धारणा बा ।
पिछिलका दिन मे सञ्चारमाध्यम मे कोरोना भाइरस के बारे मे नेपाल के सन्दर्भ मे आ रहल अनेकन समान से व्यवसाय मे एक किसिम के त्रास उत्पन्न करावल कहत सम्बन्धित विषय मे संवेदनशील होके सन्देश प्रकाशन प्रसारण करे खातिर भी पर्यटनमन्त्री आम सञ्चारमाध्यम के निहोरा कईले बानी ।
उ नेपाल मे बेलाखबत अइसन जोखिम आ सङ्कट हो रहल आ विसं २०७२ के गोरखा भूकम्प के समय भी सञ्चार संवेदनशीलता उपर नेपाली सञ्चारमाध्यम से निर्वाह कईल भूमिका के सराहना करत अभी के परिस्थिति मे भी उहे किसिम के भूमिका निर्वाह करे खातिर निहोरा भी कइनी । चीन मे फईल रहल कोरोना भाइरस के प्रत्यक्ष प्रभाव नेपाल के पर्यटन क्षेत्र मे पडी ।
नेपाल के प्रमुख पर्यटकीय स्रोत बजार चीन से वार्षिकरूप मे करिब डेढ से दु लाख पर्यटक आवत बा ।





