प्रदेशसभा के दु बरीस मे उपलब्धि कम, बिवाद बेसी

जनकपुरधाम २१ माघ,
प्रदेश २ मे प्रदेशसभा गठन भईला दु बरीस पुगल बा । ई समय मे प्रदेशसभा के चर्चा उपलब्धि से बेसी विवाद भईल बा । प्रदेशसभा परिसर मे आजु वार्षिकोत्सव मना रहल समय बाहर कैयन उपभोक्ता समिति विरोध प्रदर्शन करत रहलन ।
आर्थिक बरीस २०७५÷०७६ मे प्रदेश मन्त्रालय से काम करईला के बाद भुक्तानी देवेके समय मे कमिसन माँगल कहत उपभोक्ता समिति प्रदेशसभा अगाडि विरोध प्रदर्शन करत आईल बाडन ।
उपभोक्ता समिति संघर्ष समिति हि गठन करके प्रदेशसभा अगाडि “किडनी ले, पईसा दे” कहत धर्ना देहले रहलन । प्रदेशसभा मे सरकार आ संघीयता के गुणगान हो रहल समय बाहर “असक्षम सरकार निकम्मा मन्त्री राजीनामा दे” कहत प्रदर्शन होत रहे ।
राजपा समर्थित उपभोक्ता संघर्ष समिति के अध्यक्ष रोशनसिंह राणा उपभोक्ता समिति के उधार सामान देवेवाला दोकान से मुद्दा करेके समय आईल कहत अविलम्ब भुक्तानी देवेके माग कईले रहलन ।
“हमनी के लाखो रोपेया फँसल बा, उ दिन सरकार के साख ना जाई माकिर बडका बडका भाषणबाजी करके सस्ता लोकप्रियता सरकार कमा रहल बा,” उ सरकार उपर आक्रोश व्यक्त कइनी, “उपभोक्ता समिति के पइसा देवे ना सकल जाई माकिर सरकार लाज पचा के बईठल बा, काम करे ना सकि त काहे पद छेंकके बईठल बाडन ?”
विवाद से प्रदेशसभा भी अनिश्चय के बन्दी बनल बा । बितल अगहन से हि प्रदेशसभा बईठक एकआध दिन बाहेक बईठे नइखे सकल । प्रदेशसभा के बईठक सुरु मे निरन्तर बईठ के तेजी मे कानुन निर्माण मे लागला पर भी धिरे धिरे कम होत गईल ।
सेवा सुविधा विवाद, मानसम्मान विवाद आ चालु आर्थिक बरीस मे योजना के भुक्तानी विवाद से प्रदेशसभा के अनिर्णय के बन्दी बनवलख । फलस्वरुप कानुन निर्माण से गति लेवे ना सकल । पहिलका बरीस १६ कानुन बनावल प्रदेशसभा दुसरका बरीस ७ गो मात्र कानुन बनवले बा ।
४३ विधेयक दर्ता भईला पर भी २३ गो पारित भईल बा । आन्तरिक मामिला तथा कानुनमन्त्री ज्ञानेन्द्र यादव ६० विधेयक पाइपलाइन मे रहल बतवनी ।
मुख्यमन्त्री लालबाबु राउत वितल समय मे भईल कमी कमजोरी सुधारत प्रदेशसभा अगाडि बढावेके बतवनी ।
उ कहनी कि, “प्रदेश के समृद्धि आ विकास के खातिर प्रदेशसभा मे प्रतिपक्षी दल से खेलल भूमिका सराहनीय बा ।”






